सिमडेगा. जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, सिमडेगा में आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से की गयी. कार्यक्रम का उदघाटन उपायुक्त कंचन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर व स्वयं फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कर किया गया. मौके पर सिविल सर्जन डॉ सुंदर मोहन सामाद, जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक राम, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक समेत बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थे. कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त के साथ उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने फाइलेरिया की दवा का सेवन किया तथा विद्यालय की सभी छात्राओं को दवा खिलायी गयी. बच्चों को फाइलेरिया रोग के कारण, बचाव व दवा सेवन की सही प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गयी. उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर व दीर्घकालिक बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है और धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना देती है. सिमडेगा जंगलों से घिरा जिला है, जहां मच्छरों की संख्या अधिक होने से फाइलेरिया का खतरा अधिक रहता है. इसलिए इस बीमारी से बचाव अत्यंत आवश्यक है. उपायुक्त ने छात्राओं को नियमित रूप से दवा खाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वह अपने परिवार और आस-पड़ोस के लोगों को भी दवा सेवन के लिए जागरूक करें. उन्होंने मच्छरदानी के नियमित उपयोग, साफ-सफाई व मच्छरों से बचाव के अन्य उपाय अपनाने की सलाह दी. उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दी जा रही दवा खाली पेट न लें तथा दवा हमेशा स्वास्थ्य कर्मियों के सामने सेवन करें. सिविल सर्जन डॉ सुंदर मोहन सामाद ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर पिछले 10-15 दिनों से व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही थीं और जिले भर में प्रचार-प्रसार किया गया है. उन्होंने बताया कि यह अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान जिले के 1,84,020 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. एएनएम, सहिया समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलायेंगे. सिविल सर्जन ने दवा सेवन से संबंधित सावधानियों की जानकारी देते हुए बताया कि दवा भोजन करने के बाद ही लें. गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं तथा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को यह दवा नहीं दी जायेगी. उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिले को वर्ष 2027 तक फाइलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उन्होंने कहा कि यह अभियान सिमडेगा, कोलेबिरा व पाकरटांड़ प्रखंडों में चलाया जा रहा है. कार्यक्रम के समापन के बाद उपायुक्त द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय परिसर से फाइलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव व दवा सेवन के प्रति जागरूक करेगा.
अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी दवा खाने के लिए जागरूक करें : डीसी
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ, 1,84,020 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
