मानवता का संदेश देती है महावीर जयंती : आचार्य डॉ पद्मराज स्वामी

जैन भवन में महावीर जयंती पर धर्मसभा का आयोजन

सिमडेगा. जमशेदपुर के साकची स्थित जैन भवन में महावीर जयंती पर धर्मसभा का आयोजन किया गया. मौके पर सिमडेगा के आचार्य डॉ पद्मराज स्वामी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि महावीर जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानवता की जयंती है. उन्होंने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जीवन व उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन अहिंसा, सत्य, प्रेम, करुणा, त्याग और तप की भावना से परिपूर्ण था. आज जब विश्व अशांति व संघर्ष के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में भगवान महावीर के सिद्धांत और भी प्रासंगिक हो जाते हैं. कहा कि हिंसा से कोई शक्तिशाली नहीं बनता, बल्कि अहिंसा और शांति ही सच्ची शक्ति है. आचार्य ने बताया कि भगवान महावीर ने ‘जियो और जीने दो’ का संदेश देकर सह अस्तित्व की भावना को मजबूत किया. उन्होंने सभी जीवों के प्रति करुणा रखने और किसी को भी कष्ट न देने का उपदेश दिया. इससे पूर्व जैन भवन से शोभायात्रा निकाली गयी, जो साकची के विभिन्न चौक-चौराहों और बाजारों से होकर पुनः जैन भवन पहुंची. शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने हाथों में जैन ध्वज लेकर भगवान महावीर के जयकारे लगाये. जैन भवन पहुंचने के बाद शोभायात्रा धर्मसभा में परिवर्तित हो गयी. श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर की स्तुति, महावीर चालीसा और आरती का सामूहिक गायन किया. महिलाओं ने भजन प्रस्तुत किये. रानी त्रिशला के 14 स्वप्नों की झांकी को नृत्य-नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम के दौरान आयम्बिल की ओली और अखंड पाठ के माध्यम से भगवान को तपस्या का अर्घ्य समर्पित किया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >