सिमडेगाः ठेठइटांगर प्रखंड के केरया पंचायत अंतर्गत घुमाडांड़ गांव में भारतमाला सड़क निर्माण के विरोध में ग्रामसभा की बैठक हुई. बैठक में कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी मुख्य रूप से उपस्थित थे. बैठक में ग्रामीणों ने प्रस्तावित नये मार्ग पर भारतमाला सड़क निर्माण का विरोध करते हुए पुराने एनएच-143 के मार्ग पर ही सड़क का विस्तार करने की मांग की.
पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है इलाका
विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भारतमाला पथ का निर्माण ओडिशा के संबलपुर से झारखंड के सिमडेगा के केरया, लोंबाई, तिनगिना, डोमटोली, रायसिंया और साहपुर पंचायत होते हुए रांची रिंग रोड सीटीओ तक किया जाना सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सड़क जिस क्षेत्र से होकर गुजरेगी, वह भारतीय संविधान के तहत पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है.
ग्रामसभा की सहमति के बिना निर्माण का विरोध
विधायक ने कहा कि क्षेत्र की ग्रामसभाओं का कहना है कि यह अनुसूचित क्षेत्र है और योजना को लेकर पेसा कानून के तहत ग्रामसभाओं से विधिवत सहमति के लिए बैठक नहीं की गयी है. ग्रामसभा की अनुमति के बिना भारतमाला सड़क का निर्माण अनुचित है. उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम 2006 के प्रावधानों के विपरीत ग्रामसभा की वनाधिकार समिति की सहमति के बिना भू-मापी और पेड़ों के चिह्नितीकरण का काम किया जा रहा है. उन्होंने इसे अवैधानिक बताया.
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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को दी गई जानकारी
विधायक ने कहा कि इस मामले की पूरी जानकारी देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उपायुक्त के माध्यम से दी गयी है. इसके बावजूद अभी तक केंद्र और राज्य सरकार की ओर से ग्रामसभाओं को कोई जवाब नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि आगे सिमडेगा और रांची मुख्यालय में विशाल सभा आयोजित कर ग्रामसभा की अगुवाई में धरना-प्रदर्शन किया जायेगा और ज्ञापन सौंपा जायेगा.
पुराने एनएच-143 पर सड़क विस्तार की मांग
ग्रामसभाओं ने निर्णय लिया है कि नये स्थान पर भारतमाला पथ बनाने का विरोध किया जायेगा. ग्रामीणों ने मांग की कि पुराने एनएच-143 का ही विस्तारीकरण कर भारतमाला पथ का निर्माण कराया जाये. ग्रामीणों का कहना है कि पुराने मार्ग पर सड़क बनने से विस्थापन और पर्यावरण को होने वाले नुकसान के साथ सरकार का राजस्व भी बचेगा.
बैठक में ब्रीफनुश लुगुन, एनम बागे, दाऊद सुरीन, रोयन लुगुन, सोनू सुरीन, मनमसीह सुरीन, सुगर समद, शिशिर लुगुन, जेएमसी समद, विजय कंडुलना, लिली रोश कीड़ो, प्यारा मुंडू, जुनूल टोपनो, मुखिया शिशिर डांग, मुकुट बागे समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित थे.
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