श्रमिक वर्ग के संरक्षक संत के रूप में जाने जाते हैं संत जोसेफ:फादर गाब्रिएल
सिमडेगा. ठेठइटांगर प्रखंड के जामपानी पल्ली में रोमन कैथोलिक चर्च में पिताओं के आदर्श संत जोसेफ का पर्व धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर पूर्व पिताओं को आत्मिक और धार्मिक रूप से तैयार करने के लिए प्रार्थना सभा एवं विनती उपवास का आयोजन किया गया. विनती उपवास की अगुवाई अनमोल सुरीन और फादर आनंद प्रकाश बा के द्वारा किया गया. इस अवसर पर मुख्य अनुष्ठाता के रूप में जामपानी पल्ली के पल्ली पुरोहित सह डीन फादर गाब्रिएल डुंगडुंग उपस्थित थे. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आज हम सेंट जोसेफ का पर्व मना रहें हैं. जिसे श्रमिक वर्ग के संरक्षक संत के रूप में भी जाना जाता है. यह पर्व 1955 में पॉप के द्वारा शुरू किया गया था, ताकि अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के साथ इसका संबंध स्थापित किया जा सके, जो श्रम और श्रमिकों के अधिकारों का एक धर्मनिरपेक्ष उत्सव बने. इस पर्व का उद्देश्य श्रम की गरिमा और श्रमिकों के अधिकारों को महत्व देना है, जो कैथोलिक चर्च के लिए महत्वपूर्ण है. मिस्सा पूजा में उनका सहयोग पल्ली के सहायक फादर संदीप कुमार खेस ने किया. मौके पर मुख्य रूप से झामुमो जिला अनिल कंडुलना, झामुमो केंद्रीय सदस्य नोवास केरकेट्टा, उर्सुसुलाइन कॉन्वेंट की सुपीरियर सिस्टर सीमा मिंज, सिस्टर कोरनेलिया डुंगडुंग, पल्ली के हेड प्रचारक बिलियम केरकेट्टा, झामुमो जिला कोषाध्यक्ष राजेश टोप्पो, कैथोलिक सभा अध्यक्ष अनिल बिलुंग, महिला संघ की सभा नेत्री शांति मिंज, युवा संघ अध्यक्ष अरविंद सोरेंग, युवा संघ नेत्री एडलीन टेटे, सभी धर्म बहने, सभी मण्डली के प्रचारक सहित सैकड़ों की संख्या में कलीसिया के लोग उपस्थित थे.
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