मशरूम की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, सिमडेगा में 36 किसानों को दिया गया प्रशिक्षण

सिमडेगा में उद्यान विभाग द्वारा आदिम जनजाति कोरवा किसानों को मशरूम उत्पादन का पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे.

सिमडेगाः उद्यान विभाग, सिमडेगा के अंतर्गत संचालित उद्यान विकास योजना के तहत कुरडेग प्रखंड की गरियाजोर पंचायत के भलमंडा टांगरटोली गांव में 36 किसानों के लिए पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में आदिम जनजाति (कोरवा) के 18 और अनुसूचित जनजाति के 16 किसानों समेत कुल 36 किसान शामिल हुए.

वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक और व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गयी. इसमें मशरूम की प्रजाति का चयन, स्पॉन का उपयोग, उत्पादन इकाई तैयार करना, तापमान व नमी का प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण, मशरूम की तुड़ाई, रख-रखाव और विपणन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया. किसानों को मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक विधि का प्रदर्शन भी कराया गया.

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कम लागत में शुरू किया जा सकता है व्यवसाय

जिला उद्यान पदाधिकारी माधुरी टोप्पो ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत और सीमित स्थान में शुरू किया जा सकता है. खासकर ग्रामीण और जनजातीय परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम बन सकता है. उन्होंने किसानों से प्रशिक्षण में मिली तकनीकी जानकारी को अपनाने और मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में विकसित करने की अपील की. इस दौरान कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न विकास योजनाओं की भी जानकारी दी गयी.

सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील

जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनी पैकरा और गरियाजोर पंचायत की मुखिया प्रतिभा कुजूर ने भी किसानों को संबोधित किया. उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आय बढ़ाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए किसानों को प्रेरित किया.

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प्रशिक्षण के बाद मिलेंगे मशरूम उत्पादन किट

पांच दिवसीय प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद सभी 36 प्रशिक्षणार्थी किसानों के बीच प्रमाण-पत्र वितरित किये गये. प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक किसान को 30-30 मशरूम उत्पादन किट उपलब्ध कराये जाएंगे. इन किटों की मदद से किसान प्रशिक्षण में सीखी तकनीक के आधार पर अपने घर और आसपास उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर मशरूम उत्पादन शुरू कर सकेंगे.

स्वरोजगार से जोड़ना मुख्य उद्देश्य

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आदिम जनजाति और अन्य ग्रामीण किसानों को मशरूम उत्पादन की तकनीकी जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना और उनकी आय में वृद्धि करना है. कार्यक्रम में कृषि निरीक्षक शंकर प्रसाद, पौधा संरक्षण निरीक्षक अभिनंदन कुमार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक आलोक कुमार, एटीएम सुमित लकड़ा, किसान मित्र समेत अन्य कर्मी और किसान उपस्थित थे.

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By Ravikant

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