ठेठईटांगर. प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में सरकार की नल जल योजना के तहत लगायी गयी अधिकतर जलमीनार खराब हैं, जिससे पेयजलापूर्ति ठप है. कहीं पर पुराने चपानल में जलमीनार लगा कर छोड़ दिया गया है, कहीं पर नल लगा कर कनेक्शन नहीं दिया गया है. ठेठईटांगर प्रखंड की केरया पंचायत के मौनाबेड़ा नीचेटोली में लगभग 24 परिवार रहते हैं और जनसंख्या लगभग 150 के करीब है. सभी एक जलमीनार के भरोसे हैं. इस संबंध में गांव के नवीन डुंगडुंग ने कहा कि मौनाबेड़ा गांव में दो वर्ष पहले पेयजल स्वच्छता विभाग द्वारा जलमीनार लगायी गयी है. गांव के 10 घर के आंगन में नल लगा कर कर छोड़ दिया गया है. जलापूर्ति के लिए कनेक्शन नहीं दिया गया है. सभी को जलमीनार में जाकर पानी भरना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है. गांव में मुखिया मद से भी तीन वर्ष पहले जलमीनार लगायी गयी थी. आंधी आने से सोलर पैनल उड़ गया था, जिसे ग्रामीणों द्वारा लगाया गया. लेकिन खराबी आने से पिछले एक वर्षों से जलापूर्ति ठप है. ग्रामीणों ने पेयजल स्वच्छता विभाग से खराब पड़ी जलमीनार को मरम्मत कार्य करा कर पेयजलापूर्ति बहाल करने की मांग की है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।