सिमडेगा. जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वाधान में नगर भवन में गुरुवार को जिला स्तरीय सम्मान समारोह सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन डीडीसी संदीप कुमार दोराईबुरु, सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान व शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने किया. कार्यशाला में किशोर व किशोरियों के लिए संचालित राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम व स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम से जुड़े उत्कृष्ट योगदान करने वाले आरोग्य दूत शिक्षकों व पीयर एजुकेटरों को सम्मानित किया गया. सिविल सर्जन ने किशोर व किशोरियों के विकास के महत्व पर प्रकाश डाला. उपविकास आयुक्त ने सम्मानित होनेवाले शिक्षकों व पीयर एजुकेटरों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना की और उन्हें ऐसे प्रयास को निरंतर जारी रखने की प्रेरणा दी. उन्होंने दोनों विभागों की आपसी समन्वय के महत्व पर बल दिया व आशा व्यक्त की कि ऐसे प्रयासों से हमारे जिले के किशोर व किशोरियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा. जिला कार्यक्रम प्रबंधक लॉरेंतुस तिर्की ने राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम व पीयर एजुकेटरों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया. विद्यालय स्वास्थ्य व कल्याण कार्यक्रम को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे सेंटर फॉर कैटेलाइजिंग चेंज के प्रतिनिधि ब्योमकेश कुमार ने विद्यालय स्वास्थ्य व कल्याण कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालयों व आरोग्य दूतों की भूमिका पर प्रकाश डाला. डॉ सरिता ने पीयर एजुकेटर कार्यक्रम के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी. मौके पर प्रत्येक प्रखंड से चयनित कुल 100 आरोग्य दूत शिक्षकों व 35 पीयर एजुकेटरों को अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया. साथिया समूह द्वारा सोशल मीडिया व इंटरनेट के विवेकपूर्ण उपयोग पर प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया गया. चयनित आरोग्य दूतों एवं पीयर एजुकटरों ने अपने द्वारा किये गये प्रयासों का अनुभव साझा किया. कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला स्वास्थ्य समिति सिमडेगा का सराहनीय योगदान रहा. कार्यशाला में सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीओ, बीपीएम, सहिया, बीटीटी, युवा मैत्री केंद्र के काउंसलर, विद्यालयों के हेल्थ एंड वेलनेस मैसेंजर समेत लगभग 300 प्रतिभागी शामिल हुए.
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