सिमडेगा. उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में पुनरीक्षित मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत एसएफसीएसी की बैठक हुई. बैठक में बाल संरक्षण एवं प्रायोजन योजना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक के दौरान उपायुक्त ने वर्तमान में प्रायोजन योजना से लाभान्वित हो रहे बालक-बालिकाओं की स्थिति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को उनके शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास का नियमित रूप से अनुश्रवण करने का निर्देश दिया. समिति के समक्ष प्रायोजन योजना में शामिल किए जाने हेतु कुल 64 नए बालक-बालिकाओं के आवेदन प्रस्तुत किये गये. 62 बच्चों के दस्तावेज मानकों के अनुरूप पाये गये जांच के दौरान 62 बच्चों के दस्तावेज विभागीय मानकों के अनुरूप पाये गये, जबकि दो मामलों में पारिवारिक वार्षिक आय निर्धारित सीमा 72 हजार रुपये से अधिक अंकित होने की बात रखी गयी. इस पर समिति ने सर्वसम्मति से 62 बच्चों को योजना से आच्छादित करने तथा शेष दो मामलों में आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अगली बैठक में पुनः विचार करने का निर्णय लिया गया. योजना से विमुक्त करने का निर्णय लिया गया बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में योजना से लाभान्वित चार बालक-बालिकाएं 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं. विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार 18 वर्ष तक ही योजना का लाभ देय होने के कारण उन्हें योजना से विमुक्त करने का निर्णय लिया गया. साथ ही उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों को तीन माह पूर्व से ही परामर्श देकर अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण प्रभावित न हो. इसके अतिरिक्त कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत चार बालिकाओं को योजना अवधि पूर्ण होने तक लाभ जारी रखने तथा पिछले छह माह से विद्यालय नहीं जा रही एक बालिका को विभागीय प्रावधानों के अनुसार योजना से विमुक्त करने का निर्णय लिया गया. बैठक में जिला नियोजन पदाधिकारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी, सहित अन्य उपस्थित थे.
62 नये बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने की मिली स्वीकृति
62 नये बच्चों को प्रायोजन योजना का लाभ देने की मिली स्वीकृति
