सिमडेगा. सिमडेगा जिला प्रशासन द्वारा जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों की क्षमता वृद्धि तथा सरकारी कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला की शुरूआत की गयी.
कार्यशाला को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी , ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है.कार्यशाला का उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह एवं जिला वन पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह तथा जेएसएलपीएस के राज्य स्तरीय पदाधिकारी अमित जैन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया.
प्रथम दिवस के प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एआई की मूल अवधारणाओं, विभिन्न एआई टूल्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा सरकारी कार्यों में एआई के व्यावहारिक उपयोग के संबंध में जानकारी दी गयी. प्रतिभागियों ने विभिन्न आई टूल्स का प्रयोग करते हुए अपने दैनिक प्रशासनिक कार्यों से संबंधित अभ्यास किया. प्रशिक्षण सत्रों का संचालन एवं तकनीकी मार्गदर्शन जीडीआई के विशेषज्ञ अंशुल गुप्ता एवं जान्हवी बहादुर द्वारा किया गया.
जेएसएलपीएस की ओर से राज्य स्तरीय पदाधिकारी अमित जैन, प्रोग्राम मैनेजर हेम राज ने प्रशिक्षण के समन्वय एवं तकनीकी सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि सिमडेगा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं विकासात्मक पहलों के माध्यम से निरंतर प्रगति कर रहा है.
ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नयी तकनीक का प्रभावी उपयोग प्रशासनिक कार्यों को तेज, गुणवत्तापूर्ण और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से पदाधिकारी कम समय में अधिक प्रभावी तरीके से कार्यों का निष्पादन कर सकेंगे. इससे सरकारी प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाने तथा आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.
जिला प्रशासन का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी, प्रभावी एवं नागरिक केंद्रित बनाना है. उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार नयी तकनीकों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को लेकर सक्रिय एवं प्रतिबद्ध है. इसी क्रम में सिमडेगा जिला प्रशासन द्वारा यह पहल की गयी है. दो दिवसीय कार्यशाला के देसरे दिन प्रतिभागियों को एआई के उन्नत एवं व्यावहारिक उपयोगों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा.
