पुलिया निर्माण के नाम पर गड्ढा छोड़ा, ग्रामीणों को हो रही है परेशानी

बाघचटा पंचायत के खम्हन टोली झरिया में पुल निर्माण कार्य बंद होने से ग्रामीणों को बरसात में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है

संजय प्रसाद, ठेठईटांगर

बाघचटा पंचायत के खम्हन टोली झरिया में पुल निर्माण कार्य बंद होने से ग्रामीणों को बरसात में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. पुलिया निर्माण के नाम पर एक साल से विशाल गड्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है. उक्त गड्ढा दुर्घटना को भी आमंत्रित कर रहा है. खम्हन टोली गांव जाने वाले पथ पर झरिया में पानी कम रहने पर गांव के लोग पैदल झरिया पार कर चीड़रा टोली होते हुए अन्य गांवों की ओर आवाजाही करते हैं. लेकिन बरसात में झरिया में पानी भर जाने के कारण आवागमन ठप हो जाता है. आधा दर्जन गांवों के लोग प्रभावित होते हैं. झरिया में पुल निर्माण होने से खम्हन टोली से ग्रामीणों को चीड़रा टोली जाने में डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. किंतु पुल निर्माण नहीं होने से बरसात के दिनों में खम्हन टोली के ग्रामीणों को बैजू टोली, भंडार टोली थोलको बेड़ा होते हुए पांच किलोमीटर दूरी तय कर चीड़रा टोली जाना पड़ता है. खास कर बच्चों को विद्यालय आने जाने में दिक्कत होती है. ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में पानी अधिक होने से झरिया पार करते हुए कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं. इस समस्या को लेकर कुछ ग्रामीणों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त किया. गांव के ग्राम प्रधान मीराज सिंह ने बताया कि इस गांव के ग्रामीणों द्वारा पिछले कई वर्षों से जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अफसरों से खम्हन टोली झरिया में पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं. पुल निर्माण का कार्य एक वर्ष पहले ठेकेदार ने शुरू किया. लेकिन एक वर्ष से गड्ढा खोदकर व छड़ लगा कर छोड़ दिया गया है. यहां पर एक साल से काम बंद है. गड्ढा खोदने से झरिया में पानी भर गया है. कभी भी झरिया में गिरने से लोगो की मौत भी हो सकती है. रीना डुंगडुंग ने कहा खम्हन टोली झरिया में पुल निर्माण कार्य शुरू हुआ तो ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गयी थी. लेकिन अब एक वर्ष में सिर्फ गढ्ढा खोदो अभियान चलाया गया है. पुल निर्माण कार्य बंद हो गया. इस पर विभाग के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों को संज्ञान लेते हुए जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए. प्रदीप लकड़ा ने बताया कि पुल निर्माण कार्य एक साल से ठेकेदार के द्वारा बंद कर दिया गया है. निर्माण कार्य में लगे कई मजदूरों का मजदूरी भी बकाया है.

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