सिमडेगा : भाकपा माओवादी का आहूत बंद का जिले में व्यापक असर देखा गया. सभी दुकानें बंद रही तथा वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा. यात्री बसें पूरी तरह बंद रही. बसें नहीं चलने के कारण बस स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहा. शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में दुकान व प्रतिष्ठान बंद रहे. परिणाम स्वरूप सड़कें सुनसान रही. सरकारी दफ्तर खुले रहे, किंतु लोगों की उपस्थित काफी कम रही.
न्यायालय परिसर में भी सन्नाटा पसरा रहा. दूर से आनेवाले लोग बस के नहीं चलने के कारण शहर तक नहीं पहुंच सके. परिणाम स्वरूप वादों का निबटारा भी प्रभावित हुआ. बंद के कारण लगभग 70 लाख का व्यवसाय प्रभावित हुआ. मार्केट कांप्लेक्स की सभी दुकानें बंद रही. डेली मार्केट में भी सन्नाटा पसरा रहा. दूर दराज से आनेवाले सब्जी विक्रेता नहीं आ पाये.
परिणाम स्वरूप सब्जियों की दाम में तेजी देखी गयी. बंद के कारण दिहाड़ी मजदूरों को रोजगार नहीं मिला. दिहाड़ी मजदूर व रिक्शा चालक शहर तक आये, किंतु काम नहीं मिलने के कारण बैरंग वापस लौट गये. बसों का परिचालन बंद होने के कारण टेंपो वालों की चांदी रही. टेंपो चालकों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया. बस स्टैंड में यात्रियों को इधर-उधर भटकते हुए देखा गया. यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
हालांकि बानो, ओड़गा आदि रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन सुचारु रहा. सभी ट्रेनें समय से आयी तथा गयी. इधर जिले के कोलेबिरा, बानो, जलडेगा, बांसजोर, ठेठइटांगर, बोलबा, केरसई, कुरडेग, पाकरटांड़ आदि प्रखंडों में भी बंद का व्यापक असर देखा गया.
