उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों की आंखो देखीसिमडेगा. सिमडेगा विधान सभा के अति उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में चप्पे चप्पे पर सीआरपीएफ के जवानों की पैनी नजर थी. मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना नहीं हो इसके लिए पुलिस प्रशासन तैयारी की थी. माओवादी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के मतदान केंद्रों को सीआरपीएफ के हवाले कर दिया गया था. लोग मतदान उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में मतदान को लेकर सशंकित थे. तामड़ा गांव में काफी उत्साह के साथ लोग मतदान कर रहे थे. सीआरपीएफ के जवानों ने मोरचा संभाल रखा था. यहां पर लोगों में उत्साह देखा गया. भेलावाडीह मतदान केंद्र पर तैनात सीआरपीएफ के जवान दूर से आने-जानेवालों पर नजर रख रहे थे. यहां पर मतदाताओं की संख्या कम दिखी. डोंबाबीरा बूथ संख्या 38 पर को चारों ओर से सीआरपीएफ के जवान घेरे हुए थे. यहां पर 11.45 बजे से पहले ही मतदाता वोट कर चले गये. कुम्हारबांध विद्यालय में बूथ बनाया गया था. बूथ गांव के मुख्य पथ से कुछ दूरी पर था. यहां पर सीआरपीएफ के जवान अत्याधुनिक हथियार से लैस थे. उनके पास रात में भी हमला करने वाला हथियार था. मतदान केंद्र से कुछ दूरी पर विशाल पहाड़ है. उक्त पहाड़ माओवादियों की शरणस्थली है. जपकाकोना आने के लिए कोई मोरम पथ नहीं है. यह इलाका पूरी तरीके से नक्सल प्रभावित है.भात खाने के लिये कोई बुलाया घनघोर जंगली व पथरीले रास्ते पर मोटसाइकिल से धीमी गति से चल रही थी. इसी बीच जंगल के एक घर से आवाज आयी भात खा लो. उक्त आवाज सुन कर प्रभात खबर के प्रतिनिधि सहम गये. हालांकि आवाज को अनसुना कर आगे चलता रहा.
चप्पे-चप्पे पर थे सीआरपीएफ के जवान
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों की आंखो देखीसिमडेगा. सिमडेगा विधान सभा के अति उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में चप्पे चप्पे पर सीआरपीएफ के जवानों की पैनी नजर थी. मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना नहीं हो इसके लिए पुलिस प्रशासन तैयारी की थी. माओवादी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के मतदान केंद्रों को सीआरपीएफ के हवाले कर दिया गया […]
