सिमडेगा : कृषि व सिंचाई विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों की छुट्टी रद्द

सिमडेगा : सितंबर व अक्तूबर माह में आवश्यकता से कम वर्षा होने से धान की खड़ी फसल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. वर्षा की कमी से किसानों को हो रही परेशानी से बचाने व कम वर्षा से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. इसी के मद्देनजर उपायुक्त ने कृषि एवं […]

सिमडेगा : सितंबर व अक्तूबर माह में आवश्यकता से कम वर्षा होने से धान की खड़ी फसल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. वर्षा की कमी से किसानों को हो रही परेशानी से बचाने व कम वर्षा से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. इसी के मद्देनजर उपायुक्त ने कृषि एवं सिंचाई विभाग तथा क्षेत्रीय कर्मियों की छुट्टी को रद्द कर दिया गया.
उपायुक्त जटाशंकर चौधरी की अध्यक्षता में कृषि, भूमि संरक्षण, लघु सिंचाई, जलपथ, आत्मा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. उपायुक्त ने कहा कि वर्षापात को देखते हुए आकस्मिक कृषि योजना तैयार कर लिया जाये. सिंचाई सुविधा के मद्देनजर भूमि संरक्षण विभाग की ओर से जिला में 180 तालाब, 2073 डोभा के माध्यम से किसानों को रक्षात्मक सिंचाई कर धान की खड़ी फसल बचाने का निर्देश दिया गया. जल पथ प्रमंडल को सभी नहरों को सुचारू रूप से चालू करने का निर्देश दिया.
किसान सुलभ तरीके से सिंचाई कर सके. उपायुक्त ने कहा कि कृषि कार्य के लिए सिंचाई सुविधा का होना अत्यंत जरूरी है. लघु सिंचाई के अभियंता को भी उपलब्ध पानी से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. लघु सिंचाई के अभियंता ने चार हजार हेक्टेयर में सुरक्षात्मक सिंचाई उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. उपायुक्त ने सभी कृषि एवं सिंचाई विभाग के पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मियों की सभी प्रकार की छुट्टी रद्द कर दी है़ उन्हें क्षेत्र में रह कर सहायता करने का निर्देश दिया गया है.
कृषि विभाग के अन्य इकाइयों को महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये. आत्मा के सुरक्षात्मक सिचांई के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध करायी जायेगी. फसल की स्थिति का आकलन करने के लिए तीन समितियों का गठन किया गया. प्रथम समिति में जिला कृषि पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक तथा बीटीएम, एटीएम कुरडेग, केरसई, बोलबा, ठेठईटांगर प्रखंड के फसल की स्थिति का आकलन करेंगे. उपायुक्त ने लगातार क्षेत्र भ्रमण करने तथा प्रत्येक सप्ताह फसल की स्थिति संबंधी प्रतिवेदन उपविकास आयुक्त को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि किसान कम पानी वाले दलहनी तथा तेलहनी फसलों की बुआई ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों में करायें. जिससे किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा हो. कृषि विभाग की ओर से किसानों को बीज वितरण करने का निर्देश दिया. बैठक में उपविकास आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, परियोजना निदेशक,आत्मा, लघु सिचांई, जलपथ अभियंता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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