राजनगर. राजनगर स्थित आदिम सेवा क्लब, सोलगाड़िया में आयोजित 55वें वार्षिक उत्सव पर खेलकूद व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम मंगलवार को आयोजित किया गया. सांसद जोबा माझी ने कहा कि आदिवासी संस्कृति आज की नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की धरोहर है. इस संस्कृति में आज भी एक-दूसरे का हाथ थामकर नाच-गान करने की परंपरा है, जो आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देती है. कहा कि संस्कृति हमारी पहचान है और इस पहचान को बचाकर रखना हम सभी का कर्तव्य है. हमारी संस्कृति ही हमें एकजुट रखती है. कहा कि संस्कृति और खेलकूद के साथ-साथ शिक्षा भी समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है. समाजसेवी कालीपद सोरेन ने कहा कि आदिवासी संस्कृति केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है. आज के दौर में जरूरी है कि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़े और इसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. इस अवसर पर नाहा गाड़ी नाच का भव्य प्रदर्शन जुमाल के अलावा ओडिशा के पीठाकुटनी व सादोम गांव से आए नृत्य मंडलियों द्वारा किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. कार्यक्रम के दौरान झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष भक्तू मार्डी, शेखर महाकुड़ समेत अन्य अतिथियों का नगाड़ा और धमसा की थाप पर फूलों की वर्षा के साथ मंच पर स्वागत किया गया. आदिम सेवा क्लब सोलगाड़िया के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों को बुके देकर सम्मानित किया. मौके पर रामजीत उर्फ लालू हांसदा, सीताराम हांसदा, संजय हांसदा, रोही मुर्मू, श्याम टुडू, रवि माझी, बाया टुडू, लांगो माझी समेत अन्य उपस्थित थे.
खूंटपानी के संत जेवियर स्कूल में छात्रों ने खेलकूद में दिखायी प्रतिभा
खरसावां. खूंटपानी प्रखंड के बासाहातु स्थित संत जेवियर मध्य विद्यालय में एनुअल स्पोट् र्स मीट का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन फादर पेनक्रास एंथिनी एसजे, भोया पंचायत के मुखिया दोनों बानसिंह और पान्ड्राशाली ओपी प्रभारी मेघनाथ मंडल ने खेल मशाल जलाकर किया. उद्घाटन के बाद मार्च पास्ट की सलामी भी दी गयी. खेलकूद प्रतियोगिताओं में 800 मीटर दौड़, 200 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़, रस्सी दौड़, एक पैर दौड़, सुई-धागा रेस, स्लो साइकिल, मिक्स रिले और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं. प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए खेलकूद जरूरी है. खेल से स्वास्थ्य लाभ मिलता है और विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन से विद्यालय और राज्य का नाम रोशन करना चाहिए. कार्यक्रम के समापन अवसर पर सिस्टर अर्चना ने सभी अतिथियों व शिक्षकों का स्वागत किया.
