सरायकेला : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने पोक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने मामले के तीनों आरोपियों गुरचरण सिंह मुंडा उर्फ गोराई, रवि सिंह मुंडा एवं जीतू सिंह मुंडा को दोषी करार दिया है. अदालत ने तीनों दोषियों को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत जीवन के अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है.
तीनों पर लगाया 20 हजार रुपए जुर्माना
तीनों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. वहीं, बीएनएस की धारा 351(3) के तहत 3 वर्ष का कारावास और 1 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर 2 महीने का अतिरिक्त कारावास की सजा होगी.
क्या था मामला
मामला तिरुलडीह थाना क्षेत्र का है. पीड़िता ने 19 अगस्त 2024 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़िता ने बताया था कि वह कक्षा नौवीं की छात्रा है. 13 अगस्त 2024 को स्कूल की छुट्टी के बाद वह घर लौट रही थी. इसी दौरान शोभा नदी के पास सुनसान जगह पर तीनों आरोपी उसे जबरदस्ती उठाकर जंगल की ओर ले गए.
शोर मचाने पर नाबालिग का मुंह किया बंद
पीड़िता ने शोर मचाना शुरू किया तो आरोपियों ने उसका मुंह दबा दिया. जंगल में ले जाकर जीतू सिंह मुंडा ने उसे पकड़ कर रखा, रवि सिंह मुंडा ने उसके साथ दुष्कर्म किया और गुरचरण सिंह मुंडा बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहा था. घटना के बाद तीनों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और किसी को नहीं बताने को कहा. 18 अगस्त को पीड़िता के पेट में अचानक दर्द शुरू हुआ और साइकिल चलाने में दिक्कत होने लगी. मां द्वारा पूछे जाने पर उसने पूरी घटना बताई, जिसके बाद थाने में मामला दर्ज कराया गया.
