सरायकेला: प्राथमिक विद्यालय कुनामार्चा के सहायक शिक्षक राजेश रोशन हेम्ब्रम को लंबे समय तक अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहना भारी पड़ा. विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग ने उनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है. उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला शिक्षा स्थापना समिति नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर हुई विभागीय कार्रवाई के बाद सेवा समाप्ति संबंधी पत्र भी जारी कर दिया गया है.
एक मार्च 2020 से लगातार थे अनुपस्थित
विभागीय जांच में सामने आया कि राजेश रोशन हेम्ब्रम एक मार्च 2020 से लगातार विद्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे. इस अवधि में उन्होंने उपस्थिति पंजी में भी हस्ताक्षर नहीं किया. निलंबन अवधि में कार्यालय में योगदान करने का निर्देश दिये जाने के बावजूद उन्होंने इसका अनुपालन नहीं किया और निर्धारित मुख्यालय में भी योगदान नहीं दिया.
विभाग की ओर से शिक्षक को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया था. शिक्षक ने अपना स्पष्टीकरण और चिकित्सकीय दस्तावेज भी प्रस्तुत किये. हालांकि, विभागीय जांच में इन दस्तावेजों और स्पष्टीकरण को साक्ष्यविहीन एवं असंतोषजनक माना गया.
पांच साल से अधिक की गैरहाजिरी को माना गंभीर कदाचार
विभाग ने सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना पांच वर्ष से अधिक समय तक लगातार कर्तव्य से अनुपस्थित रहने को गंभीर अनुशासनहीनता एवं कदाचार माना. इसी आधार पर झारखंड सेवा संहिता के नियम 76 तथा झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गयी.
16 सितंबर की बैठक में हुआ सेवा समाप्ति का फैसला
जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने बताया कि जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक 16 सितंबर को हुई थी. इसी बैठक में सहायक शिक्षक राजेश रोशन हेम्ब्रम की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया. समिति के निर्णय के बाद शिक्षा विभाग ने उसके अनुपालन में सेवा समाप्ति संबंधी पत्र निर्गत कर दिया है.
