Kharsawan: स्वयं परियोजना के तहत 50 बच्चों को दिया गया नुक्कड़ नाटक का प्रशिक्षण

Kharsawan: खरसावां में स्वयं परियोजना के अंतर्गत 50 बच्चों ने नुक्कड़ नाटक प्रशिक्षण में भाग लिया. प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने और अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला.

शचिंद्र कुमार दाश
Kharsawan: टीआरसीएससी संस्था द्वारा संचालित स्वयं परियोजना के तहत सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड के चार पंचायतों के बच्चों के लिए 1 जून से 5 जून 2026 तक चांडिल के घोड़ालिंग स्थित आईडीएसआरटी परिसर में 5 दिवसीय आवासीय नुक्कड़ नाटक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण में पंचायत के प्रत्येक गांव से चयनित कुल 50 बच्चों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को नुक्कड़ नाटक की कला, संवाद प्रस्तुति, अभिनय और जनसंपर्क के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई.

बताया गया कि नुक्कड़ नाटक जन-जागरूकता का एक प्रभावी माध्यम है, जिसके जरिए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना तथा विभिन्न सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना बताया गया.

शिक्षा, बाल अधिकार जैसे विषयों पर कार्यशाला

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बच्चों ने शिक्षा, बाल अधिकार, स्वच्छता एवं सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यशालाओं में भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को इन विषयों पर प्रभावी ढंग से संदेश पहुंचाने की तकनीक भी सिखाई गई. संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें सामाजिक बदलाव का वाहक बनाना है. इस दौरान टीआरसीएससी संस्था के सलाहकार रजत मित्र, डॉ सुरेश प्रसाद साहू, प्रोजेक्ट समन्वयक गैरिका गिरि, नाटक प्रशिक्षक देबाशीष रॉय और स्वयं प्रोजेक्ट का सीआरसीएफ उपस्थित है.

ये भी पढ़ें…

सरायकेला के शीशी गांव में जंगली हाथी का उत्पात, लौकी की फसल रौंदी

चांडिल के लेबर ऑफिसर पर जनगणना कार्य में लापरवाही का आरोप, अब होगी विभागीय कार्रवाई

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >