शचिंद्र कुमार दाश/हिमांशु गोप की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम के अंतर्गत सिंहभूम कॉलेज, चांडिल से गृह विज्ञान और समाजशास्त्र विभाग को हटाने और वाणिज्य विभाग में शिक्षक के एक पद को समाप्त करने के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है. विद्यार्थियों ने डिजिटल अभियान चलाकर कुलपति को सैकड़ों ईमेल भेजे हैं और निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है. छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा. चांडिल अनुमंडल क्षेत्र का सिंहभूम कॉलेज एकमात्र अंगीभूत डिग्री कॉलेज है, जहां ईचागढ़, नीमडीह, कुकड़ू और चांडिल सहित आसपास के ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं. ऐसे में महत्वपूर्ण विषयों को हटाने के प्रस्ताव से विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
गृह विज्ञान में बड़ी संख्या में विद्यार्थी
छात्र नेताओं के अनुसार गृह विज्ञान विषय में करीब एक हजार से डेढ़ हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. उनका कहना है कि इतने बड़े छात्र समूह के बावजूद विभाग को समाप्त करने का प्रस्ताव छात्रों के हितों के विपरीत है. समाजशास्त्र विभाग हटने से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रभावित होंगे.
वाणिज्य विभाग के शिक्षक पद को समाप्त करने पर आपत्ति
सिंहभूम कॉलेज में वाणिज्य विषय की पढ़ाई स्नातकोत्तर स्तर तक संचालित होती है. इसके बावजूद विभाग में एक शिक्षक पद समाप्त करने की तैयारी का भी छात्रों ने विरोध किया है. उनका कहना है कि इससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होगी. वहीं संथाली विषय में पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी होने के बावजूद अब तक शिक्षक पद सृजित नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया.
ग्रीष्मावकाश में चला डिजिटल अभियान
कोल्हान विश्वविद्यालय में ग्रीष्मावकाश के कारण विद्यार्थियों ने प्रत्यक्ष आंदोलन के बजाय डिजिटल माध्यम का सहारा लिया. ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) के नेतृत्व में “जीमेल भेजो अभियान” चलाया गया, जिसके तहत सैकड़ों विद्यार्थियों ने कुलपति को ईमेल भेजकर प्रस्तावित निर्णय वापस लेने की मांग की. छात्र नेताओं ने कहा कि यदि गृह विज्ञान एवं समाजशास्त्र विभाग को हटाने तथा वाणिज्य विभाग के शिक्षक पद को समाप्त करने का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में व्यापक छात्र आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
छात्रों ने रखी अपनी बात
- नई शिक्षा नीति और क्लस्टर सिस्टम के कारण ग्रामीण विद्यार्थियों को उनके नजदीकी कॉलेजों में उपलब्ध विषयों से वंचित किया जा रहा है. सिंहभूम कॉलेज में संथाली विषय के हजार से अधिक विद्यार्थी हैं, लेकिन अब तक एक भी शिक्षक नहीं है. हम इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे. कानू टुडू, छात्र नेता
- गृह विज्ञान और समाजशास्त्र विभाग को समाप्त करने तथा वाणिज्य विभाग में शिक्षक पद खत्म करने का प्रस्ताव छात्र हितों के खिलाफ है. पूरे चांडिल अनुमंडल के इस एकमात्र डिग्री कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं की भी कमी है. हम लगातार आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा. राजा प्रमाणिक, छात्र नेता सह एआईडीएसओ कॉलेज कमेटी सचिव
- लड़कियों को परिवार और समाज की अनेक बाधाओं को पार कर पढ़ने का अवसर मिलता है. ऐसे में पढ़ाई के विषय ही समाप्त कर देना हमारे साथ अन्याय है. सरकार से आग्रह है कि विभागों को समाप्त न किया जाए. अनीता, गृह विज्ञान की छात्रा
- हम दूर-दराज के क्षेत्रों से पढ़ने आती हैं. यदि यहां से गृह विज्ञान विषय हटा दिया गया तो बेटियों की शिक्षा प्रभावित होगी. सरकार से मांग है कि विषयों को बरकरार रखते हुए कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत किया जाए. अफ्सा परवीन, गृह विज्ञान की छात्रा
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