झारखंड लोक कला अकादमी द्वारा धातकीडीह स्थित लोक कला अकादमी कम्युनिटी सेंटर, जमशेदपुर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में नटराज छऊ कला केंद्र, पांड्रा के कलाकारों ने सरायकेला छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "हर–पार्वती " छऊ नृत्य-नाटिका रही, इसकी प्रभावशाली प्रस्तुति प्रख्यात छऊ गुरु निबारण महतो तथा संगीत नाटक अकादमी परियोजना से जुड़ी छऊ गुरु कुसमी पटनायक ने दी. दोनों कलाकारों ने भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन को अपने सशक्त अभिनय, लयबद्ध पद संचालन, मुखौटा-अभिनय और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के माध्यम से जीवंत कर दिया.प्रस्तुति के दौरान सरायकेला छऊ की विशिष्ट शैली, सौंदर्य, अनुशासन और आध्यात्मिक भावों का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला. कलाकारों के शानदार प्रदर्शन से पूरा सभागार मंत्रमुग्ध रहा. कार्यक्रम के समापन पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया.नटराज छऊ कला केंद्र के निदेशक राजतेंदु रथ ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन पारंपरिक लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ भारतीय अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि सरायकेला छऊ की शास्त्रीय गरिमा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए संस्था निरंतर प्रयासरत है.
