चांडिल से हिमांशु गोप की रिपोर्ट
Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत कबीरनगर स्थित केजीएन मेडिकल दुकान में हुई लूट और फायरिंग की घटना में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सारिक साह उर्फ घेघा (26 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को जमशेदपुर के बागानशाही रोड नंबर-07 स्थित मुर्दा मैदान के पास से दबोचा गया. उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में अहम सफलता मिलने का दावा किया है.
पांच अप्रैल 2025 को हुई थी वारदात
कपाली ओपी प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि बीते 5 अप्रैल 2025 की रात करीब 9:50 बजे अपराधियों ने कबीरनगर स्थित केजीएन मेडिकल दुकान में घुसकर संचालक सारिक परवेज से रंगदारी की मांग की थी. विरोध करने पर बदमाशों ने गोली चला दी. इसके बाद दुकान में तोड़फोड़ की गयी और नकदी के साथ मोबाइल फोन लूटकर अपराधी फरार हो गये. मामले को लेकर कपाली ओपी में कांड संख्या 57/2025 दर्ज किया गया था.
पहले भी कई आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. हालांकि मुख्य आरोपी सारिक साह उर्फ घेघा लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चलाकर आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया. अपराध की दुनिया में लंबे समय तक बच निकलने का भ्रम कई लोगों को रहता है, लेकिन कानून की फाइलें अक्सर धीमी जरूर चलती हैं, बंद नहीं होतीं.
हथियार पहले ही हो चुका है बरामद
ओपी प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि इस घटना में इस्तेमाल की गयी पिस्तौल और गोली को पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है. यह बरामदगी एक अन्य आरोपी की निशानदेही पर की गयी थी. पुलिस का कहना है कि मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है.
कई गंभीर मामलों में दर्ज हैं केस
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कपाली, पोटका, गोविंदपुर समेत अन्य थाना क्षेत्रों में हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट और कई अन्य गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
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छापामारी दल में ये अधिकारी थे शामिल
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में सब-इंस्पेक्टर एवं कपाली ओपी प्रभारी अविनाश कुमार, सब-इंस्पेक्टर रणजीत कुमार सिंह, एएसआई मनोज कुमार राय, हवलदार कृष्ण चंद्र बिरुआ (रिजर्व गार्ड) तथा टाइगर मोबाइल के आरक्षी-27 दस्तगीर आलम शामिल थे. विशेष टीम की कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के लिए आगे भेज दिया है.
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