1 से 14 सितंबर तक घर-घर में गूंजेगा साक्षरता का संदेश, जाने कब क्या...

सरायकेला में 1 से 14 सितंबर तक उल्लास साक्षरता पखवाड़ा मनाया जाएगा. इसमें प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक और सर्वेक्षण जैसे कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे.

खरसावां. अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर खरसावां जिले में 1 से 14 सितंबर तक ‘उल्लास साक्षरता पखवाड़ा’ का भव्य आयोजन किया जाएगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर बैठे असाक्षर लोगों को साक्षरता से जोड़ना है.

उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अरुवा (कुचाई) के सहायक शिक्षक तरुण कुमार सिंह को इस पूरे अभियान के लिए जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. उनकी देखरेख में उल्लास ऐप पर असाक्षरों, स्वयंसेवक शिक्षकों और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा (एफएलनाट) के शिक्षार्थियों का शत-प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा.

14 दिनों का अनूठा कारवां

पखवाड़े के दौरान हर दिन एक नई और प्रभावी गतिविधि के जरिए जन-जागरूकता फैलाई जायेगी

1 से 3 सितंबर: जिला व प्रखंड स्तर पर उद्घाटन के बाद असाक्षरों और स्वयंसेवकों का सर्वे व पंजीकरण.

4 से 6 सितंबर: कार्यशाला, सेमिनार और ग्राम पंचायतों का विशेष भ्रमण कर स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना.

7 से 9 सितंबर: साक्षरता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए साइकिल रैली, प्रभात फेरी और नुक्कड़ नाटक का आयोजन.

10 से 12 सितंबर: मीडिया कैंपेन, सार्वजनिक स्थानों पर वॉल पेंटिंग तथा सीएसआर व व्यावसायिक संगठनों का सहयोग.

अंतिम दो दिनों में छूटे लोगों को जोड़ने पर जोर

अभियान के अंतिम चरण यानी 13 और 14 सितंबर को विशेष रणनीति के तहत उन लोगों की पहचान कर पुनः पंजीकरण कराया जाएगा जो पहले छूट गए थे. इसके साथ ही अब तक की गई गतिविधियों की गहन समीक्षा होगी. 14 सितंबर को रंगारंग कार्यक्रमों और समीक्षा के साथ इस पखवाड़े का भव्य समापन किया जाएगा, ताकि जिले में शिक्षा और साक्षरता का यह सिलसिला लगातार आगे बढ़ता रहे.


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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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