खरसावां: सरायकेला अंचल अंतर्गत बांकसाई गढ़ में श्री श्री 108 श्री मां पाउड़ी देवी की वार्षिक जांताल पूजा 15 सितंबर को पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ आयोजित होगी. पूजा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. वार्षिक जांताल पूजा में बांकसाई गढ़ के सभी 32 मौजा के ग्रामीणों के शामिल होने की परंपरा रही है. इस वर्ष भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पूजा में शामिल होने की संभावना है.
बांकसाई गढ़ राजघराने परिवार के सदस्य मनोज कुमार सिंहदेव ने बताया कि जांताल पूजा क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी हुई है. प्रत्येक वर्ष श्रद्धा और आस्था के साथ मां पाउड़ी देवी की पूजा-अर्चना की जाती है. उन्होंने सभी 32 मौजा के ग्रामीणों से पूजा में शामिल होकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है. उन्होंने बताया कि जांताल पूजा में मुख्य रूप से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल की कामना की जाती है.
साथ ही समय पर पर्याप्त बारिश होने के लिए भी मां पाउड़ी देवी से प्रार्थना की जाती है. ग्रामीणों की मान्यता है कि मां की आराधना से क्षेत्र में सुख-समृद्धि बनी रहती है. जांताल पूजा का इतिहास रियासती काल यानी राजा-रजवाड़ों के समय से जुड़ा हुआ है. वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी श्रद्धा और आस्था के साथ निभायी जा रही है.
