राजनगर: राजनगर-सरायकेला मुख्य मार्ग के सारंगपोसी गांव के समीप सड़क पर बने गहरे गड्ढे और उसमें जमा दलदल ने भारी वाहनों के परिचालन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. यहां पिछले करीब 72 घंटे से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित है. गड्ढे में एक के बाद एक हायवा और ट्रेलर के फंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. स्थिति यह है कि वाहन चालक अब इस रास्ते से गुजरने का प्रयास करने के बजाय दूसरे मार्ग की ओर लौटना ही बेहतर समझ रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, करीब 36 घंटे तक सड़क पर पलटे ट्रेलर और फंसे हायवा को काफी मशक्कत के बाद हटाया गया था. इसके बाद आवागमन सामान्य होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद एक और ट्रेलर उसी गड्ढे में फंस गया. ट्रेलर को निकालने के दौरान उसके बगल से हायवा निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन हायवा भी दलदल में फंस गया. काफी प्रयास के बाद मंगलवार की रात ट्रेलर और हायवा को वहां से निकाला गया.
इसके बाद कुछ वाहनों के गुजरने के बाद पुनः दो हायवा उसी गड्ढे में फंस गये. लगातार वाहनों के फंसने से मार्ग पर भारी वाहनों का परिचालन एक बार फिर ठप हो गया.
बार-बार बन रहा दलदल, चालक परेशान
सारंगपोसी गांव के समीप सड़क पर बना यह गड्ढा अब वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है.बारिश और वाहनों के लगातार आवागमन के कारण गड्ढे में मिट्टी और पानी मिलकर दलदल का रूप ले चुका है. भारी वाहन जैसे ही इसे पार करने का प्रयास करते हैं, उनके पहिए धंस जाते हैं और वाहन बीच सड़क पर फंस जाता है.
दूसरे रास्ते से लौट रहे भारी वाहन
बार-बार वाहनों के फंसने के कारण कई वाहन चालक अपने वाहनों को आगे ले जाने के बजाय वापस लौट रहे हैं. राजनगर की ओर आने वाले कई भारी वाहन लौट चुके हैं, जबकि सरायकेला की ओर जाने वाले भी कुछ वाहन रास्ता बदलकर दूसरे मार्ग से जाने को मजबूर हैं. वाहन चालकों का कहना है कि इस गड्ढे को पार करने में वाहन फंसने का खतरा लगातार बना हुआ है.
ऐसे में जोखिम उठाने के बजाय वापस लौटना ही बेहतर है. स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने सड़क के गड्ढे को तत्काल दुरुस्त कर आवागमन सुचारू कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक गड्ढे को भरकर सड़क को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक भारी वाहनों के फंसने की समस्या बनी रहेगी और राजनगर-सरायकेला मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित होता रहेगा.
