Saraikela News: भाषा और संस्कृति के संरक्षण पर जोर

सरायकेला.ओडिया नाटक के दूसरे दिन कलाकारों ने 'लुहो रे लेखुछी नुवा कहाणी' का मंचन किया

सरायकेला. उत्कल युवा मंच की ओर से आयोजित चार दिवसीय ओडिया नाटक महोत्सव के दूसरे दिन “लुहो रे लेखुछी नुवा कहाणी ” नाटक का मंचन किया गया. सरायकेला के मां अन्नपूर्णा नाट्य अनुष्ठान के कलाकारों ने सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस नाटक को जीवंत रूप दिया. नाटक का निर्देशन घासीराम सतपथी ने किया, जबकि ओडिशा से आयीं महिला कलाकार मीना, रंजीता, जयंती और सुष्मिता ने अपने भावपूर्ण अभिनय से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी.

दीप प्रज्ज्वलन कर हुआ कार्यक्रम का उद्घाटन

दूसरे दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ कलाकार स्व. गौर मोहन कर की पत्नी गीता कर, कलाकार अतनु कवि, संगीत नाटक अकादमी अवार्डी तपन पटनायक और विजय कुमार साहू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.कलाकार अतनु कवि ने कहा कि भाषा और संस्कृति हमारी पहचान है, जिसे बचाये रखने में ओडिया नाटक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. वहीं, संगीत नाटक अकादमी अवार्डी सह छऊ कलाकार तपन पटनायक ने उत्कल युवा मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नाट्य संस्थानों द्वारा भाषा और संस्कृति के विकास के लिए किया जा रहा प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है.

कलाकारों की रही सराहनीय भूमिका

इस आयोजन को सफल बनाने में संजीव कुमार पति, चंद्रशेखर कर, उत्कल युवा एकता मंच के रूपेश साहू, मां अन्नपूर्णा नाट्य अनुष्ठान के म्यूजिशियन डायरेक्टर राजेश कर, देव कर, रमाकांत महांता, संतोष कर, दीपेश कुमार रथ, केदार सामल, अर्जुन कर, राकेश महांती, कालीचरण साहू और शंकर सतपथी सहित अन्य कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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