खरसावां : खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने सरायकेला में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से अलंकृत प्रसिद्ध छऊ मुखौटा शिल्पी गुरु सुशांत कुमार महापात्र से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया. विधायक ने गुरु सुशांत महापात्र को शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने पर उन्हें बधाई दी.
ज्ञात हो कि पिछले दिनों नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से सरायकेला के प्रख्यात छऊ मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत कुमार महापात्र को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया था. इस उपलब्धि पर क्षेत्र के कला एवं संस्कृति प्रेमियों में खुशी का माहौल है.
मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि सरायकेला की प्राचीन एवं समृद्ध छऊ नृत्य परंपरा और मुखौटा निर्माण कला के संरक्षण एवं संवर्द्धन में गुरु सुशांत महापात्र का योगदान अतुलनीय है. उन्होंने कहा कि गुरु महापात्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान सरायकेला-खरसावां ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गौरव की बात है.
इस अवसर पर विधायक दशरथ गागराई, डॉ. शुभेंदु महतो, सरायकेला नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि समेत अन्य गणमान्य लोगों ने गुरु सुशांत कुमार महापात्र से मुलाकात कर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया और उनका स्वागत किया. इस दौरान छऊ नृत्य के विकास को लेकर गुरु सुशांत महापात्र के साथ विधायक दशरथ गागराई ने चर्चा की. छऊ नृत्य के उत्पत्ति से लेकर इस कला में मुखौटे का उपयोग, मुखौटे की उत्पत्ति, मुखौटा निर्माण की कला के संबंध में बारीकी से जानकारी ली.
उपस्थित लोगों ने कहा कि गुरु महापात्र की यह उपलब्धि झारखंड, विशेषकर सरायकेला-खरसावां की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्रदान करने वाली है.
लोगों ने कहा कि छऊ मुखौटा निर्माण जैसी पारंपरिक कला को जीवंत रखने में शिल्पियों की महत्वपूर्ण भूमिका है. गुरु सुशांत महापात्र को मिला राष्ट्रीय सम्मान नई पीढ़ी को भी इस समृद्ध लोककला से जुड़ने और इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा.
