मौत का गड्ढा! खमारडीह-बड़ाबांबो मुख्य सड़क पर रेलवे अंडरब्रिज के पास धंसी सड़क, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा..

खमारडीह-बड़ाबांबो मुख्य सड़क पर बने एक बड़े गड्ढे ने राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. घुमावदार मोड़ पर होने के कारण यह रात में अंधेरे में किसी जानलेवा हादसे का सबब बन सकता है. स्थानीय लोगों ने तत्काल मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है.

खरसावां: खमारडीह-बड़ाबांबो मुख्य सड़क पर खमारडीह स्थित रेलवे अंडरब्रिज के पास सड़क के बीचोंबीच एक बड़ा गड्ढा बन जाने से राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. यह खतरनाक गड्ढा एक घुमावदार मोड़ पर स्थित है, जिसके कारण तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह किसी बड़े खतरे से कम नहीं है. मोड़ होने के कारण दूर से सड़क पर बना यह गड्ढा चालकों को दिखाई नहीं देता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गड्ढे के कारण वाहन चालक अचानक इसके सामने आ जाते हैं और वाहन को बचाने के चक्कर में उसे दूसरी दिशा में मोड़ने के लिए मजबूर होते हैं. इस अचानक हुए फेरबदल से सामने से आने वाले अन्य वाहनों से सीधी टक्कर होने की आशंका हर वक्त बनी रहती है. खासकर दोपहिया वाहन चालकों (बाइक सवारों) के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा जोखिम भरी और जानलेवा साबित हो रही है.

रोशनी के अभाव में मंडराता रहता है हादसों का खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बना यह गड्ढा लगातार वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, लेकिन अब तक संबंधित विभाग द्वारा इसकी सुध नहीं ली गई है और न ही इसकी मरम्मत कराई गई है.

दिन के समय तो चालक किसी तरह संभलकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के वक्त स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है. सड़क पर पर्याप्त रोशनी (स्ट्रीट लाइट) के अभाव में अंधेरे में यह गड्ढा बिल्कुल नजर नहीं आता है, जिसके कारण यहां दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है. अनजान वाहन चालकों के लिए यह जगह एक बड़े ट्रैप जैसी बन गई है.

ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग

इस गंभीर समस्या से त्रस्त होकर स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से तुरंत इस स्थल का निरीक्षण करने और गड्ढे की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की जोरदार मांग की है.

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जब तक सड़क की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक इस दुर्घटना संभावित (एक्सीडेंटल ज़ोन) स्थान पर कोई चेतावनी संकेतक या रिफ्लेक्टर जैसी अन्य सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी अनहोनी या जानमाल के नुकसान को समय रहते रोका जा सके.

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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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