खूंटपानी में किसान गोष्ठी: गुणवत्तायुक्त बीज और वैज्ञानिक खेती पर जोर

खूंटपानी में कृषि विभाग द्वारा किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को आधुनिक खेती और गुणवत्तायुक्त बीजों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

खरसावां. खेती में बेहतर उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर से खूंटपानी प्रखंड मुख्यालय में समिति सहाय अनुदान योजना के तहत 'फसल उत्पादन में गुणवत्तायुक्त बीज का महत्व' विषय पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई, वहीं सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया. प्रखंड कृषि पदाधिकारी अशोक निषाद ने कहा कि खेती में गुणवत्तायुक्त बीज और वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग समय की आवश्यकता है. इससे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

उन्होंने धान की फसल में पीलापन, लालपन, पौधा गलने जैसी बीमारियों की पहचान, रोकथाम और प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए समय पर उपचार अपनाने की सलाह दी. सहायक तकनीकी प्रबंधक भानु प्रताप सिंह एवं प्रिंस साईमन कुंकल ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि विभाग किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और अनुदान आधारित योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है. किसानों से नई तकनीकों को अपनाने तथा कृषि विशेषज्ञों के संपर्क में रहकर खेती करने की अपील की गई. 40 किसानों के बीच शत-प्रतिशत अनुदान पर अरहर, हाइब्रिड धान और मूंग के बीज का वितरण.


कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के तहत 40 किसानों के बीच शत-प्रतिशत अनुदान पर अरहर, हाइब्रिड धान एवं मूंग के बीज का वितरण किया गया. किसानों ने विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध होने से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी. मौके पर दोपाई पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र बोदरा, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक पंकज हाइबुरु सहित विभिन्न पंचायतों के किसान उपस्थित थे.


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Author: Sachindra Dash

Published by: Pradip Kumar Mahto

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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