काल बना सांप! खरसावां में सोते वक्त भाई-बहन की मौत, मचा कोहराम

खरसावां के संतारी गांव में जहरीले सांप के डसने से दो बच्चों की मौत हो गई. समय पर इलाज न मिलने से भाई-बहन ने दम तोड़ दिया, गांव में शोक की लहर है.

खरसावां: खरसावां के संतारी गांव में मंगलवार को घर में जमीन पर सो रहे भाई-बहन को जहरीले सांप ने डंस लिया, जिससे दोनों की मौत हो गयी. इसके बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

सोते वक्त सांप ने काटा

जानकारी के अनुसार, शिवा जोंकों (11) और उसकी बहन सीमा जोंकों (14) सोमवार की रात अपने घर में जमीन पर बिछावन लगाकर सो रहे थे. मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे सोते वक्त एक जहरीले सांप ने दोनों को डंस लिया. बच्चों द्वारा परिजनों को इसकी जानकारी दिए जाने के बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हुई.

सीमा जोंकों (फाइल फोटो)

लगातार बारिश बनी बाधा, रास्ते में तोड़ा दम

क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में भारी विलंब हुआ. घटना के लगभग पांच घंटे बाद दोनों को सरायकेला सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में ही शिवा जोंकों ने दम तोड़ दिया. वहीं, बहन ने अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली. डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया.

झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, तुरंत अस्पताल जाएं

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो दोनों की जान बच सकती थी. इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सर्पदंश की स्थिति में ओझा-गुणी या झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने के बजाय पीड़ित को फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाना ही जीवन की रक्षा कर सकता है. एक साथ दो बच्चों की अर्थी उठने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गयी है.

घर के बाहर लगी लोगों की भीड़


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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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