खरसावां-रडगांव सड़क हुई जर्जर, जगह-जगह गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा, विधायक ने लिया जायजा

Kharsawan Radgaon: खरसावां-रडगांव मुख्य सड़क जर्जर होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी पिच से हादसों का खतरा बढ़ा है. विधायक ने सड़क का जायजा लेकर मरम्मत और राइडिंग क्वालिटी सुधार का आश्वासन दिया.

शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Kharsawan Radgaon: सरायकेला- खरसावां जिले के खरसावां को टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-33 (एनएच-33) से जोड़ने वाली खरसावां-रडगांव मुख्य सड़क की स्थिति दिनोंदिन खराब होती जा रही है. करीब 30 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और कई स्थानों पर पिच पूरी तरह उखड़ गई है. सड़क की बदहाल स्थिति के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. विशेषकर रायजामा घाटी के पास सड़क पर बना बड़ा गड्ढा लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. यहां अक्सर छोटे-बड़े वाहन फंस जाते हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है.

उखड़ी सड़क से बढ़ा हादसों का खतरा 

सड़क की पिच उखड़ने के बाद गिट्टी सड़क पर बिखरी हुई है. इससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. ब्रेक लगाने के दौरान बाइक स्किड कर जा रही है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण यात्रा जोखिम भरी हो गई है. सड़क पर जगह-जगह बने स्पीड ब्रेकर भी राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं. खरसावां से बड़ी संख्या में लोग रांची, बुंडू, तमाड़ और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं. रडगांव के पास एनएच-33 से जुड़ने वाली यह सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है.

खरसावां-रडगांव सड़क का पीच उखड़ने के बाद बिखरे गिट्टी से अक्सर हो रही दुर्घटनायें

चार साल में ही उखड़ गई सड़क की पिच

जानकारी के अनुसार खरसावां से रडगांव तक सड़क के चौड़ीकरण और जीर्णोद्धार कार्य पर लगभग 54 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. वर्ष 2012-13 में इस सड़क को आरईओ से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया गया था. निर्माण कार्य वर्ष 2014-15 में शुरू हुआ और करीब आठ वर्षों बाद वर्ष 2021-22 में पूरा हुआ. लेकिन निर्माण के महज चार वर्ष बाद ही सड़क की पिच उखड़ने लगी और कई स्थानों पर गड्ढे बन गए. स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी और ओवरलोड वाहनों के परिचालन के कारण सड़क समय से पहले जर्जर हो गई.

उड़ती धूल से ग्रामीण परेशान

सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहनों की आवाजाही से भारी मात्रा में धूल उड़ रही है. इससे सड़क किनारे बसे गांवों के लोगों को काफी परेशानी हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि धूल के कारण लोगों को सांस और आंखों से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

:खरसावां-रडगांव मुख्य मार्ग पर रायजामा घाटी के पास सड़क में बने गड्डे

रास्ता बदलने को मजबूर हुए लोग

सड़क की बदहाली से परेशान होकर अब लोग वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेने लगे हैं. खरसावां से रांची जाने वाले कई लोग सरायकेला, कांड्रा और चौका होकर आवागमन कर रहे हैं. इससे उन्हें लगभग 50-55 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. स्थानीय लोगों ने अविलंब सड़क की मरम्मत और राइडिंग क्वालिटी में सुधार की मांग की है.

विधायक ने लिया जायजा, राइडिंग क्वालिटी सुधार का दिया आश्वासन

जर्जर सड़क का खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने जायजा लिया. उन्होंने बताया कि सड़क जर्जर होने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. परंतु इसी चालू वित्तीय वर्ष में ही इस सड़क सड़क की मरम्मत और  राइडिंग क्वालिटी सुधार कार्य को मंजूरी दिला कर कार्य शुरु कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि खरसावां-रडगांव सड़क की जर्जर स्थिति का मामला दो बार विधानसभा में भी उठ चुके है. सरकार ने भी इस पर संज्ञान लिया है. विधायक दशरथ गागराई ने बताया कि विभागीय स्तर पर भी सड़क की राइडिंग क्वालिटी सुधारने के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. उम्मीद है कि जल्द योजना स्वीकृत होने के बाद सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू होगा.

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Published by: Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.

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