शचींद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Kharsawan News: खरसावां के विधायक दशरथ गागराई ने राज्य सरकार से खरसावां-रडगांव सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार की मांग की है. विधायक दशरथ गागराई ने गुरुवार को विधान सभा में बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को सदन में शून्यकाल के दौरान इस मामल को उठाया. गागराई ने कहा कि खरसावां को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-33 से जोड़ने वाली खरसावां-रडगांव सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गयी है. सड़क की पिच पूरी तरह से उखड़ गयी है. जगह-जगह गड्ढे बन गये हैं. लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि “सदन के माध्यम से सरकार से यह मांग रखता हूं कि खरसावां-रड़गांव सड़क में राइडिंग क्वालिटी में सुधार कार्य को स्वीकृति प्रदान की जाए.”
सड़क जर्जर होने के कारण अक्सर हो रही है दुर्घटना
खरसावां-रडगांव सड़क सड़क जर्जर होने के कारण अक्सर दुर्घटना हो रही है. सड़क पर बिखरी गिट्टी से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं. ब्रेक लगाते ही बाइक व स्कूटी स्किड कर रही है. सड़क जर्जर होने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. रायजामा घाटी के पास बना गड्ढा में अक्सर वाहन फंस रहे है. खरसावां के लोग रांची, बुंडू, तमाड़ आदि जगहों पर जाने के लिए इस सड़क का उपयोग करते हैं. यह सड़क करीब 30 किमी लंबी है.
दस साल में पूरा हुआ था सड़क निर्माण
उक्त सड़क का निर्माण कार्य करीब दो वर्ष पूर्व हुआ था. पूर्व में यह आरइओ सड़क थी. वर्ष 2012-13 में पीडब्ल्यूडी में तब्दील कर 54 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण सह जीर्णोद्धार कार्य को मंजूरी दी गयी है. सड़क का निर्माण वर्ष 2014 में शुरू हुई, इसे पूरा करने में करीब आठ साल का समय लगा. वर्ष 2023-24 में सड़क का निर्माण पूर्ण हुआ. गुणवत्ता की कमी व ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क चार वर्ष भी नहीं टिकी.
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उड़ती धूल से परेशानी, 50 किमी घूमकर रांची जा रहे लोग
सड़क जर्जर होने से धूल उड़ रही है. सड़क किनारे बसे गांवों के लोग परेशान हैं. वाहन चलने पर धूल उड़ती है. लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है. लोगों ने जल्द सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार की मांग की है. सड़क जर्जर होने के कारण लोग रास्ता बदल कर सरायकेला, कांड्रा, चौका होते हुए आवागमन कर रहे हैं. लोगों को रांची जाने के लिए करीब 50 किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है.
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