शिव भक्ति में लीन हुआ खरसावां: 50 से अधिक मंदिरों में उमड़ेगा जनसैलाब, शिव-पार्वती विवाह की झांकी होगी खास

Kharsawan Mahashivratri 2026: खरसावां प्रखंड में महाशिवरात्रि को लेकर 50 से अधिक शिवालय सज-धज कर तैयार हैं. रामगढ़ के स्वयंभू शिवलिंग और खेजुरदा के भव्य रामेश्वरम मंदिर में जलाभिषेक के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. शिव-पार्वती विवाह की झांकी और तीन राज्यों के संकीर्तन दलों का समागम इस बार उत्सव को और भी खास बनाएगा. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.

Kharsawan Mahashivratri 2026, सरायकेला (शचिंद्र कुमार दाश): खरसावां और आसपास के क्षेत्रों में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. रविवार को श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. सुबह से ही विभिन्न शिवालयों में भक्तों का जमावड़ा लगेगा. क्षेत्र के करीब 50 से अधिक शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे.

मंदिरों की रंगाई-पुताई का काम पूरा

शिवरात्रि को लेकर मंदिरों की रंगाई-पुताई और साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया गया है. खरसावां के रामगढ़, बाजारसाही, कुम्हारसाही, राजवाड़ी, फॉरेस्ट कॉलोनी, ब्लॉक कॉलोनी, खेजुरदा, बड़गांव, बुरुडीह समेत अन्य गांवों के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. भगवान शिव की आराधना के लिए सभी शिवालय सज-धज कर तैयार हैं.

शिव बारात के साथ निकलेगा शिव-पार्वती विवाह की झांकी

महाशिवरात्रि के मौके पर खरसावां के रामगढ़ स्थित प्रसिद्ध रामगढ़ शिव मंदिर में हरिनाम संकीर्तन और मेला का आयोजन किया गया है. वहीं आमदा स्थित शिव मंदिर में शिव बारात की झांकी के साथ शिव-पार्वती विवाह की झांकी भी निकाली जाएगी. रामगढ़ शिव मंदिर में सर्वाधिक भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है.

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दितसाही में हरिनाम संकीर्तन आज से

महाशिवरात्रि के अवसर पर खरसावां के दितसाही में 15 से 18 फरवरी तक हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा. इसकी तैयारी जोरों पर है. आयोजन समिति के सपन आचार्या ने बताया कि 14 फरवरी की संध्या सात बजे गंधादिवास किया जाएगा. 15 फरवरी की सुबह राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत संकीर्तन की शुरुआत होगी. इसमें झारखंड, बंगाल और ओड़िशा के संकीर्तन दल भाग लेंगे.

रामगढ़ शिव मंदिर से जुड़ी है गहरी आस्था

खरसावां प्रखंड मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर रामगढ़ गांव स्थित शिव मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है. धार्मिक मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नत जरूर पूरी होती है. सावन और शिवरात्रि के मौके पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है. शिवरात्रि पर दिन में जलाभिषेक और रात्रि में दीप जलाकर जागरण किया जाता है. मंदिर परिसर में स्थित पाषाणकालीन नंदी महाराज की प्रतिमा भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहती है.

खेजुरदा के रामेश्वरम शिव मंदिर में भी उमड़ेंगे श्रद्धालु

खरसावां के खेजुरदा गांव स्थित रामेश्वरम शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर सैकड़ों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. यहां पूरे विधि-विधान के साथ जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक किया जाता है. शिवरात्रि को लेकर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. बताया जाता है कि पहले यहां एक छोटा मंदिर था, बाद में वर्ष 2010-12 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के प्रयास से भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया. मंदिर की भव्यता और दीवारों पर उकेरी गई कलाकृतियां श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं. महाशिवरात्रि को लेकर खरसावां क्षेत्र पूरी तरह शिवमय हो गया है और श्रद्धालु उत्साह व भक्ति के साथ इस पावन पर्व की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

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Published by: Sameer oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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