कानून से लेकर फसल बीमा तक, ग्रामीणों के लिए क्या है मुफ्त सुविधा..जानें यहां

खरसावां के रीडिंगदा गांव में नालसा की जागृति योजना के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों और फसल बीमा की जानकारी दी गई.

खरसावां: कानून और अपने अधिकारों की जानकारी हर किसी तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से बुधवार को रीडिंगदा गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के निर्देश पर हुए इस कार्यक्रम में अधिकार मित्र हरि कुंभकार और दिनेश कुंभकार ने ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी दी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण शामिल हुए.

‘न्याय सबके लिए’, ग्रामीणों को बताया उनका कानूनी अधिकार

अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की जागृति योजना के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि ‘न्याय सबके लिए’ लोकतंत्र की मूल भावना है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39ए के तहत आर्थिक या अन्य किसी कारण से कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है.

उन्होंने बताया कि कई लोग आज भी अपने बुनियादी अधिकारों, कानूनी उपायों और मुफ्त विधिक सहायता के बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते. इसी वजह से जागृति योजना के जरिए ग्रामीण और दूरदराज इलाकों तक कानूनी जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

कानूनी मदद के साथ किसानों को फसल बीमा की जानकारी

कार्यक्रम में ग्रामीणों को नि:शुल्क विधिक सहायता, अपने अधिकारों की रक्षा और जरूरत पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकार से मदद लेने की प्रक्रिया समझाई गई. इसके साथ ही किसानों के लिए फसल बीमा योजना के आवेदन पत्र भी बांटे गए.

ग्रामीणों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम गांवों में लगातार आयोजित होने चाहिए, ताकि लोगों को अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिल सके.


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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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