खरसावां. स्नान पूर्णिमा के बाद 14 दिनों के अणवसर काल एवं गुप्त सेवा-उपचार के उपरांत मंगलवार को खरसावां राजवाड़ी परिसर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. नेत्रोत्सव के अवसर पर प्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा एवं सुदर्शन के नवयौवन स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. राज पुरोहित अंबुजाख्य आचार्य, गुरु विमला षडंगी तथा पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं भोग अर्पण कराया. इसके बाद चतुर्धा विग्रह को नए वस्त्र पहनाकर आकर्षक शृंगार किया गया. पूरे दिन मंदिर परिसर शंखध्वनि और ''जय जगन्नाथ'' के जयघोष से भक्तिमय रहा. इस अवसर पर राजा गोपाल नारायण सिंहदेव, रानी अपराजिता सिंहदेव, पूजा समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
खरसावां जगन्नाथ मंदिर में नेत्रोत्सव, नवयौवन दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

खरसावां के राजवाड़ी परिसर स्थित जगन्नाथ मंदिर में प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा का नेत्र उत्सव करते पुरोहित व श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network
खरसावां के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में 14 दिन बाद कपाट खुले। नेत्रोत्सव पर प्रभु के नवयौवन स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।