खरसावां जगन्नाथ मंदिर में नेत्रोत्सव, नवयौवन दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

खरसावां के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में 14 दिन बाद कपाट खुले। नेत्रोत्सव पर प्रभु के नवयौवन स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

खरसावां. स्नान पूर्णिमा के बाद 14 दिनों के अणवसर काल एवं गुप्त सेवा-उपचार के उपरांत मंगलवार को खरसावां राजवाड़ी परिसर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. नेत्रोत्सव के अवसर पर प्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा एवं सुदर्शन के नवयौवन स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. राज पुरोहित अंबुजाख्य आचार्य, गुरु विमला षडंगी तथा पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं भोग अर्पण कराया. इसके बाद चतुर्धा विग्रह को नए वस्त्र पहनाकर आकर्षक शृंगार किया गया. पूरे दिन मंदिर परिसर शंखध्वनि और ''जय जगन्नाथ'' के जयघोष से भक्तिमय रहा. इस अवसर पर राजा गोपाल नारायण सिंहदेव, रानी अपराजिता सिंहदेव, पूजा समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.


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Author: Sachindra Dash

Published by: Sweta Vaidya

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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