सरायकेला. कांड्रा-सरायकेला-चाईबासा मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. करीब 68 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क की पिच उखड़ चुकी है, जबकि सैकड़ों छोटे-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं. यह मार्ग कोल्हान की लाइफ लाइन माना जाता है. इसी सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है. सरायकेला, चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के साथ-साथ औद्योगिक वाहनों की भी आवाजाही इसी मार्ग से होती है. लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई स्थानों पर सड़क की पिच पूरी तरह उखड़ चुकी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. उनका कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी तो बरसात के दिनों में हादसों की संख्या और बढ़ सकती है.
कांड्रा-सरायकेला-चाईबासा पथ पर कई जगहों पर पिच उखड़े, सफर हुआ मुश्किल
कांड्रा-सरायकेला-चाईबासा मुख्य मार्ग की हालत बदतर हो गई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कांड्रा-सरायकेला-चाईबासा पथ पर कई जगहों पर पिच उखड़े, फोटो. अजय महतो | Prabhat Khabar Network