कांड्रा-सरायकेला-चाईबासा पथ पर कई जगहों पर पिच उखड़े, सफर हुआ मुश्किल

कांड्रा-सरायकेला-चाईबासा मुख्य मार्ग की हालत बदतर हो गई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरायकेला. कांड्रा-सरायकेला-चाईबासा मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. करीब 68 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क की पिच उखड़ चुकी है, जबकि सैकड़ों छोटे-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं. यह मार्ग कोल्हान की लाइफ लाइन माना जाता है. इसी सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है. सरायकेला, चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के साथ-साथ औद्योगिक वाहनों की भी आवाजाही इसी मार्ग से होती है. लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई स्थानों पर सड़क की पिच पूरी तरह उखड़ चुकी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. उनका कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी तो बरसात के दिनों में हादसों की संख्या और बढ़ सकती है.

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लेखक के बारे में

Author: Sachindra Dash

Published by: Sweta Vaidya

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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