चांडिल. चांडिल प्रखंड में खनन विभाग की हालिया कार्रवाई से पत्थर खदानों और क्रशरों पर ताला लटक गया है. इससे दिहाड़ी मजदूरों की आर्थिक स्थिति गंभीर हो गयी है. गुरुवार को चिलगु और आसनबनी पंचायत के दर्जनों गांवों के मजदूरों ने शहरबेड़ा निवासी विजय तंतुबाय के घर पहुंच कर घेराव व प्रदर्शन किया. सूचना मिलते ही चांडिल थाना प्रभारी दिलसन बिरुआ पहुंचे. ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया. मजदूरों ने जिला प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि या तो खदानें खुलवाई जाएं या उनके लिए रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था की जाये. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समाधान नहीं निकला, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन करेंगे.
आरोप : विजय की शिकायत के बाद बंद हुईं खदानें
मजदूरों का आरोप है कि विजय तंतुबाय ने उपायुक्त को पत्र लिखकर 15 दिनों के भीतर खनन बंद कराने की मांग की थी. उनकी शिकायत पर प्रशासन की कार्रवाई में खदानें बंद हो गयीं. इससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका छिन गयी है. मजदूरों ने भावुक होकर कहा कि काम बंद होने से उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है.पुलिस की सक्रियता से टला तनाव
थाना प्रभारी ने बताया कि मामला पूरी तरह रोजी-रोटी से जुड़ा है. पुलिस की सक्रियता के कारण स्थिति नियंत्रण में रही. किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया गया. फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. मजदूर प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं.
