Saraikela News: सामाजिक मूल्य, परंपरा व संस्कारों को नहीं भूलने की सीख दी

सरायकेला. चार दिवसीय ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी का समापन, नाटक देखने उमड़ी दर्शकों की भीड़

सरायकेला/खरसावां.उत्कल युवा मंच की ओर से सरायकेला के दुर्गा पूजा मैदान में चार दिवसीय ओड़िया नाटक का आयोजन किया गया. ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी के अंतिम दिन श्री श्री जय मां पाउड़ी नाट्य अनुष्ठान के कलाकारों ने ओड़िया सामाजिक नाटक ‘‘कोली जुगो तोते दूरु जुहारो’’ का मंचन किया. कलाकारों ने समाज के वर्तमान स्थिति को जीवंत रूप देने का प्रयास किया. नाटक के माध्यम से कलाकारों ने जीवन के हर पहलु को दर्शाया. इसमें कलाकारों ने लोगों से अपनी परंपरा को नहीं भूलने का संदेश दिया. कलाकारों ने नाटक में जीवन के हर उतार चढ़ाव को दर्शाया. नाटक के माध्यम से कलाकारों ने आधुनिकता की दौड़ में सामाजिक मूल्य, मान्यता, परंपरा व संस्कारों को नहीं भूलने की सीख दी. नाटक देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों पहुंचे थे. इस दौरान हर वर्ष ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी का आयोजन करने की बात कही. अपनी कला-संस्कृति को संरक्षित करने की बात कही.

कलाकारों ने अभिनय से समां बांधा

ओड़िया नाटक ‘‘कोली जुगो तोते दूरु जुहारो’’ का निर्देशन नीलकंठ षाड़ंगी ने किया, जबकि चंदन साहू व शिव शंकर आचार्य ने सह निर्देशक की भूमिका निभायी. नाटक के दौरान राजेश कर ने अपने स्वर लहरियों से समां बांधा. नाटक से पूर्व कलाकारों ने अपने गीत, संगीत व नृत्य के माध्यम से भी समां बांधा. इसके अलावे शिव शंकर आचार्या, शिव शंकर साथुआ, रजत त्रिपाठी, टिंकु साहू, निलकंठ षाड़ंगी, मनबोध दारोघा, मुकेश साहू, शशांक साथुआ, चंदन साहू, अगस्ती बारिक, तापस साहू, रितेश ज्योतिषी, तापस मोदक, राजेश दारोघा, राखाहरि रजक, टुना दारोघा आदि कलाकारों ने भी अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोहा. अंतिम दिन नाट्य प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्कल युवा एकता मंच के अध्यक्ष की पत्नी श्रीमती कल्याणी देवी ने किया. साथ ही सफल आयोजन के लिए रूपेश साहू, सुनील मिश्रा के साथ-साथ सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया.

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By MANJEET KUMAR PANDEY

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