हिमांशु गोप की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. बीते रविवार देर रात झुंड से बिछड़े दो जंगली हाथियों ने छोटा चुनचुड़िया गांव में जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकान को क्षतिग्रस्त कर दिया और किसानों की खड़ी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है.
देर रात गांव में घुसा हाथियों का झुंड
जानकारी के अनुसार, देर रात गांव में घुसे हाथियों ने सबसे पहले अंबिका देवी की जनवितरण प्रणाली की दुकान को निशाना बनाया. हाथियों ने दुकान का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर रखे चावल को खा गए. ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के उत्पात के कारण दुकान को काफी नुकसान पहुंचा है.
गन्ने और लौकी के फसल को बनाया निवाला
इसके बाद हाथियों का झुंड गांव के खेतों की ओर बढ़ गया, जहां उन्होंने धनंजय महतो के खेत में लगी गन्ने की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया. वहीं रमेश चंद्र रेवानी के खेत में लगी लौकी की फसल को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया. किसानों ने बताया कि मेहनत से तैयार की गई फसल एक ही रात में बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है.
वन विभाग की टीम पहुंची गांव, लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही सोमवार सुबह वन विभाग की टीम छोटा चुनचुड़िया गांव पहुंची. अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पीडीएस दुकान और प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया. वन विभाग ने प्रभावित लोगों को सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है.
10-12 जंगली हाथियों का झुंड डाल रखे हैं डेरा
ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से 10 से 12 जंगली हाथियों का झुंड ईचागढ़ प्रखंड के विभिन्न गांवों और जंगल क्षेत्रों में विचरण कर रहा है. हाथियों की लगातार आवाजाही से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है. सोमवार सुबह भी करीब 10 हाथियों का झुंड कुटाम-डुमरा गांव के पास डेरा जमाए हुए देखा गया, जिससे आसपास के गांवों में खतरा बना हुआ है.
हाथियों पर वन विभाग रख रही है नजर
वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है. विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा हाथियों के निकट जाने से बचने की अपील की है.
हाथी से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ग्रामीण
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से हाथियों के बढ़ते आतंक पर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, जिससे ग्रामीणों की जान-माल और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. लगातार हो रही घटनाओं से किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.
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