सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की ग्राइंड रिपोर्ट
Dashrath Gagrai, सरायकेला : सरायकेला जिले के कुचाई प्रखंड के सुदूरवर्ती कोमाय क्षेत्र के बांदूबेडा और लोटाबुरु टोला में पहली बार विकास की वास्तविक किरण नजर आई है. घने जंगलों और ऊंची-नीची पहाड़ियों से घिरे इस इलाके तक पहुंचना आज भी एक बड़ी चुनौती है, जिसे स्वीकार करते हुए विधायक दशरथ गागराई ने स्वयं बाइक से करीब 15 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया. चक्रधरपुर के टोकलो और लांजी जैसे दुर्गम रास्तों से होकर गांव पहुंचे विधायक ने, वहां जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी बुनियादी समस्याओं को विस्तार से सुना.
खटिया पर मरीज और पगडंडियों का सहारा
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपनी बदहाली की दास्तां सुनाते हुए बताया कि, सड़क न होने के कारण गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती है, जिससे गंभीर मरीजों को आज भी खटिया पर ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. पेयजल की स्थिति भी दयनीय है, क्योंकि भारी मशीनें गांव तक न पहुंच पाने के कारण चापाकल तक नहीं लग पाए हैं और ग्रामीणों को पहाड़ी के नीचे से पानी लाना पड़ता है. इसके अलावा, गांव में स्कूल और संचार व्यवस्था (नेटवर्क) का अभाव बच्चों के भविष्य और सूचना तंत्र पर भारी पड़ रहा है.
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सड़क निर्माण से खुलेगा विकास का द्वार
विधायक दशरथ गागराई ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, इन गांवों तक पक्की सड़क निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर पहल की जाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि, बेहतर सड़क सुविधा मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर स्वतः ही बढ़ेंगे और लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां कम होंगी. कभी नक्सल प्रभावित रहे इस इलाके में विधायक के इस साहसिक दौरे से ग्रामीणों के बीच नई उम्मीद जगी है कि, उनका क्षेत्र भी अब जल्द ही विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बनेगा.
