Saraikela News : पीसीसी पथ निर्माण का भुगतान नहीं होने पर कोर्ट सख्त

सरायकेला. 29 मार्च तक 73,278 भुगतान का आदेश, वरना ब्लॉक ऑफिस की जब्त होगी संपत्ति

सरायकेला.सरायकेला प्रखंड के पहाड़पुर में पीसीसी पथ निर्माण के लिए पूरी राशि का भुगतान नहीं करने के मामले में व्यवहार न्यायालय के न्यायाधीश आशीष अग्रवाल की अदालत ने सुनवाई करते हुए लाभुक को 29 मार्च तक बकाया ₹73,278 का भुगतान करने का निर्देश दिया है. अन्यथा, प्रखंड कार्यालय की चल संपत्ति को जब्त कर भुगतान कराया जाएगा. इस संबंध में न्यायालय ने मंगलवार को प्रखंड कार्यालय में नोटिस चिपकायी है.

पूर्व में कोर्ट ने बकाया राशि के भुगतान का दिया था आदेश, विभाग ने पल्ला झाड़ा

मामले में पहाड़पुर गांव निवासी लाभुक वीरसिंह मुंडारी की पत्नी चांदमनी मुंडारी ने कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज कराया था. पूर्व में ही कोर्ट ने बकाया राशि के भुगतान का निर्देश दिया था, लेकिन विभाग ने आवंटन न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया था. अब कोर्ट ने सख्ती बरतते हुए 29 मार्च तक भुगतान करने का आदेश दिया है. यदि राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो कार्यालय की टेबल, कुर्सी, फ्रीज, एसी, पंखे सहित सभी चल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी किया जाएगा.

क्या है मामला

सरायकेला प्रखंड के पहाड़पुर गांव में संपूर्ण ग्रामीण योजना के तहत वर्ष 2005 में ₹3,97,900 की लागत से पीसीसी पथ योजना स्वीकृत की गयी थी. इस योजना में अनाज व पैसे देने का प्रावधान था. योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रखंड कार्यालय द्वारा लाभुक समिति में वीरसिंह मुंडारी व हरिकृष्ण मुंडारी के नाम पर एकरारनामा किया गया था. इन्होंने तय समय पर पीसीसी कार्य पूरा कर लिया था और मापी भी करा ली गई थी, लेकिन आवंटन के अभाव में भुगतान नहीं हो सका. बाद में सरकार ने संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना बंद कर दी, जिससे भुगतान लंबित रह गया. काम पूरा होने के बावजूद भुगतान न होने पर लाभुक समिति ने कोर्ट का शरण लिया और शिकायतवाद दायर किया, जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है.

लाभुक समिति के एक सदस्य की हो चुकी है मृत्युलाभुक समिति के एक सदस्य वीरसिंह मुंडारी की मृत्यु वर्ष 2016 में हो गई थी. इसके बाद उनकी पत्नी चांदमनी मुंडारी ने मामले को लेकर कोर्ट से भुगतान कराने का आग्रह किया था.

विभाग ने कहा

संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत चयनित योजना में भुगतान बकाया है. चूंकि यह योजना पहले ही बंद हो चुकी है और विभाग द्वारा कई बार राशि की मांग की गयी, लेकिन अब तक आवंटन नहीं मिला. इससे भुगतान नहीं हो सका.

– यशमिता सिंह, बीडीओ, सरायकेला

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