राजनगर. राजनगर प्रखंड के गांवों में बिजली उपभोक्ताओं को कई महीनों से नियमित बिजली बिल नहीं मिलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. जानकारी के अनुसार, गांवों में बिजली मीटर रीडिंग और बिलिंग की प्रक्रिया लंबे समय से बाधित है, जिससे उपभोक्ता असमंजस और परेशानी का सामना कर रहे हैं.
आंदोलन की चेतावनी
श्री गोप ने बिजली विभाग से अविलंब समस्या का समाधान करने, नियमित मीटर रीडिंग व्यवस्था बहाल करने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा.
मीटर रीडिंग बाधित, उपभोक्ताओं में असमंजस :
नियमित मीटर रीडिंग नहीं होने से ग्रामीणों को अपने मासिक बिजली खर्च की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है. परिणामस्वरूप जब कई महीनों का बिल एक साथ भेजा जाता है, तो राशि अत्यधिक हो जाती है, जिसे चुकाना अधिकतर उपभोक्ताओं के लिए मुश्किल साबित हो रहा है. इस गंभीर समस्या को लेकर खोकरो गांव के अजय कुमार गोप ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आवाज बुलंद की है. उन्होंने विभाग से मांग की है कि प्रत्येक माह नियमित रूप से बिजली मीटर रीडिंग कर समय पर उपभोक्ताओं को बिजली बिल उपलब्ध कराया जाए.
आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों पर पड़ रहा सीधा असर :
अजय गोप ने कहा कि विभाग की लापरवाही का सीधा असर गांव के भोले-भाले और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों पर पड़ रहा है. भारी-भरकम बिल मिलने से ग्रामीण मानसिक रूप से भी परेशान हो जाते हैं और उन्हें बिजली कनेक्शन काटे जाने, प्रशासनिक कार्रवाई तथा कानूनी दबाव का भय सताने लगता है. ग्रामीणों का कहना है कि अनियमित बिलिंग व्यवस्था उनके लिए आर्थिक के साथ-साथ मानसिक संकट का कारण बन रही है. कई परिवारों को एकमुश्त बड़ी राशि चुकाने में कठिनाई हो रही है.