सरायकेला-खरसावां: PDS में अनियमितता के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त

Seraikela Kharsawan: सरायकेला-खरसावां जिले में निलंबित जन वितरण प्रणाली दुकानों के खाद्यान्न स्टॉक, अभिलेखों और वितरण व्यवस्था का विशेष सत्यापन कराया जा रहा है. खरसावां के दो निलंबित पीडीएस डीलरों के अनियमितताएं उजागर हुई हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Seraikela Kharsawan: सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभुकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में निलंबित जन वितरण प्रणाली दुकानों के खाद्यान्न स्टॉक, अभिलेखों और वितरण व्यवस्था का विशेष सत्यापन कराया जा रहा है. इसी क्रम में खरसावां प्रखंड के निलंबित जन वितरण प्रणाली दुकानदारों के खाद्यान्न स्टॉक के भौतिक सत्यापन किया गया. 

पीडीएस दुकानदार के यहां नहीं मिला खाद्यान्न स्टॉक 

अभिलेखीय जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई. जांच प्रतिवेदन के अनुसार ग्राम सरगीडीह के निलंबित पीडीएस दुकानदार अशोक कुमार प्रधान (अनुज्ञप्ति सं.-03/87) के यहां 13,935 किलोग्राम चावल एवं 3,454 किलोग्राम गेहूं अवशेष स्टॉक के रूप में उपलब्ध होना अपेक्षित था, जबकि निरीक्षण के समय स्टॉक शून्य पाया गया. इसी तरह तेलीसाई के निलंबित पीडीएस दुकानदार विनोद नायक (अनुज्ञप्ति सं.-10/99) के मामले में अभिलेखों के अनुसार 15,142 किलोग्राम चावल और 3,892 किलोग्राम गेहूं का अवशेष स्टॉक उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन सत्यापन के दौरान चावल का स्टॉक शून्य पाया गया. खाद्यान्न स्टॉक में गंभीर अंतर पाए जाने और सरकारी खाद्यान्न के संभावित गबन से संबंधित तथ्यों के आलोक में डीएसओ के निर्देशानुसार खरसावां सीओ सह प्रभारी एमओ द्वारा दोनों निलंबित पीडीएस दुकानदारों के खिलाफ खरसावां थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है. 

अन्य निलंबित और संदिग्ध दुकानों की भी हो रही जांच 

इधर सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिले के अन्य निलंबित और संदिग्ध जन वितरण प्रणाली दुकानों के स्टॉक, अभिलेखों और वितरण व्यवस्था की भी सघन जांच एवं भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है. जांच के क्रम में जिन मामलों में खाद्यान्न वितरण, स्टॉक संधारण अथवा अभिलेखों में अनियमितता के तथ्य प्रकाश में आएंगे, उनमें संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार जरूरी कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब, वंचित और पात्र लाभुकों के खाद्य सुरक्षा अधिकारों से सीधे जुड़ी हुई एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी व्यवस्था है. इस व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता, खाद्यान्न के दुरुपयोग, गबन अथवा सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने सहित विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. 

डीसी ने दिए निर्देश 

उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी, सघन निरीक्षण और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाभुकों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आगे भी विशेष जांच एवं कार्रवाई अभियान जारी रहेंगे. 

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Published by: Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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