खरसावां : दलाइकेला में भव्य रथ पर सवारी करेंगे प्रभु जगन्नाथ

-दलाइकेला में 111 वर्षो से हो रहा है रथ यात्रा का आयोजन-यहां सिर्फ प्रभु जगन्नाथ की प्रतिमा का होता है पूजा अर्चना-दलाइकेला के अलावा बंदोलौहर व जोजोकुड़मा में भी रथ यात्रा की तैयारी13 केएसएन 2 : दलाइकेला में इसी भव्य रथ की सवारी करेंगे प्रभु जगन्नाथसंवाददाता, खरसावां. खरसावां के दलाइकेला में प्रभु जगन्नाथ इस बार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 13, 2015 7:05 PM

-दलाइकेला में 111 वर्षो से हो रहा है रथ यात्रा का आयोजन-यहां सिर्फ प्रभु जगन्नाथ की प्रतिमा का होता है पूजा अर्चना-दलाइकेला के अलावा बंदोलौहर व जोजोकुड़मा में भी रथ यात्रा की तैयारी13 केएसएन 2 : दलाइकेला में इसी भव्य रथ की सवारी करेंगे प्रभु जगन्नाथसंवाददाता, खरसावां. खरसावां के दलाइकेला में प्रभु जगन्नाथ इस बार भव्य रथ पर सवारी करेंगे. यहां सिर्फ प्रभु जगन्नाथ के प्रतिमा की ही पूजा अर्चना की जाती है. दलाइकेला में प्रभु जगन्नाथ दो दिनों का सफर तय कर मौसी के घर पहुंचेंगे. रथ निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है. भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा की रंगाई-पुताई का कार्य भी चल रहा है. रथ को भव्यता दी जा रही है. रथ में लकड़ी के दो घोड़ों के साथ-साथ सारथी की मूर्ति भी तैयार की गयी है. साथ ही भगवान की आराधना करते गरुड़ की भी लकड़ी की मूर्ति पर रथ पर बनायी गयी है. ग्रामीणों के अनुसार दलाइकेला में करीब 111 वर्षों से रथ यात्रा का आयोजन होता आ रहा है. दलाइकेला में जिस रथ पर प्रभु जगन्नाथ सवारी करेंगे, उस रथ का निर्माण वर्ष 2006 में राज्य के पर्यटन विभाग की ओर से खरसावां के लिये करीब नौ लाख रुपये की लागत से किया गया था. दो वर्ष बाद खरसावां में नया रथ तैयार होने के बाद इसे दलाईकेला भेज दिया गया. दलाइकेला के अलावा बंदोलौहर व जोजोकुड़मा में भी रथ यात्रा की तैयारी अंतिम चरण में है. यहां भी प्रभु जगन्नाथ रथ की सवारी कर मौसी घर पहुंचेंगे.