सरायकेला : आदित्यपुर गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र में अवस्थित कंपनियों में पहले आदिवासी मूलवासियों को 85 प्रतिशत नौकरी मिले, फिर आयडा दूसरे औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए आयडा जमीन अधिग्रहण के बारे में सोचे, अन्यथा इसके लिए झामुमो सड़क पर उतरेगी.
उक्त बातें पूर्व मंत्री सह सरायकेला विधायक चंपई सोरेन ने परिसदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. विधायक सोरेन ने कहा कि आयडा राजनगर के जामडीह व गम्हरिया के दुगनी में सरकारी जमीन अधिग्रहण कर फूड पार्क बनाना चाहती है. आयडा पहले यह बताया कि आदित्यपुर गम्हरिया में स्थित कंपनियों में कितने आदिवासी व मूलवासी को रोजगार दिया है.
इसके बाद जमीन अधिग्रहण के बारे में सोचे. विधायक सोरेन ने कहा कि यहां के आदिवासी व मूलवासी रेजा व कुली तक सिमट कर रह गये हैं. अच्छे पदों पर यहां के लोगों को नहीं लिया जाता है. विधायक सोरेन ने सरकार पर कटाक्ष मारते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता का आइवॉश कर रही है. जनता के छह लाख खर्च कर मंत्री एक रात गांव में बिता रहे हैं और समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है. सरकार के मंत्री यह सब नौटंकी कर रहे हैं. ईचा-खरकई डैम पर कहा कि उक्त डैम के बनने पर 150 से अधिक आदिवासी गांव डूब जायेंगे. पूर्व की सरकार ने टीएसी की बैठक में इसे बंद करने का प्रस्ताव जारी कर चुकी है.
पूर्व सरकार को अमली जामा पहनाते हुए ईचा-खरकई बांध परियोजना को रद किया जाये. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ईचा-खरकई बांध परियोजना को रद नहीं करती है तो झामुमो जोरदार आंदोलन करेगा.
