चांडिल.
चांडिल रेलवे स्टेशन से सटे पितकी रेलवे फाटक पर पिछले 72 घंटों से स्थिति नारकीय बनी हुई है. रविवार से शुरू हुआ जाम मंगलवार को खबर लिखे जाने तक और भयावह हो गया है. फाटक के दोनों ओर करीब 5-5 किलोमीटर लंबी कतारें लग गयी हैं, जिससे टाटा-पुरुलिया-धनबाद मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है.प्रमुख मार्ग पर थमी रफ्तार, यात्री बेहाल:
टाटा से पुरुलिया और धनबाद को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग इस वक्त ट्रकों और यात्री वाहनों का कब्रिस्तान नजर आ रहा है. हालात इतने गंभीर हैं कि छोटे-बड़े वाहनों के साथ-साथ सैकड़ों ट्रक चालक भूखे-प्यासे घंटों जाम में फंसे रहने को विवश हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेनों के अत्यधिक आवागमन के कारण बार-बार फाटक बंद होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है. अधिकतर बसें अब पटमदा और पश्चिम बंगाल के बड़ाबाजार होते हुए लंबा चक्कर काटकर गंतव्य तक पहुंच रही हैं.अतिरिक्त बोझ:
रूट बदलने से न केवल यात्रियों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि उन्हें भारी असुविधा का सामना भी करना पड़ रहा है.
एंबुलेंस सेवा हो रही प्रभावित:
जाम का सबसे डरावना पहलू आपातकालीन सेवाओं का प्रभावित होना है. पश्चिम दिशा से जमशेदपुर (टीएमएच/एमजीएम) आने वाली एंबुलेंस को भी अब पटमदा का लंबा रास्ता चुनना पड़ रहा है. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि आपात स्थिति में समय पर अस्पताल न पहुंच पाना मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. इसके अलावा, क्षेत्र की खाद्य आपूर्ति भी संकट में है. जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में सब्जी, मछली और अन्य आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले वाहन इस जाम में फंसे हैं, जिससे बाजार में महंगाई और किल्लत बढ़ने की आशंका है.
ओवरब्रिज की मांग ने पकड़ी रफ्तार
इस महाजाम ने प्रशासनिक और रेल विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है. स्थानीय ग्रामीणों और भुक्तभोगी चालकों ने मांग की है कि पितकी रेलवे फाटक पर अविलंब ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया जाए. वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था दुरुस्त की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हालात न बनें. फिलहाल, प्रशासन की ओर से जाम खुलवाने के कोई पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं और लोग सड़क पर ही रात काटने को विवश हैं.बस के यात्रियों को करना पड़ रहा लंबा सफर
पितकी के इस ””””महाजाम”””” ने बस सेवाओं की कमर तोड़ दी है. टाटा-पुरुलिया-धनबाद, बोकारो और आसनसोल रूट पर चलने वाली बसों का परिचालन सामान्य मार्ग से लगभग बंद हो गया है.
