खरसावां से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Kharsawan News: झारखंड के खरसावां स्थित गोपबंधु चौक में उत्कल सम्मिलनी की जिला समिति के तत्वावधान में 90वां उत्कल दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में ओड़िया समुदाय के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. इस दौरान सभी ने एकजुट होकर अपनी भाषा और संस्कृति को संरक्षित रखने का संकल्प लिया.
महापुरुषों को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास और उत्कल गौरव मधुसुदन दास की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर की गई. उपस्थित लोगों ने इन महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया. वक्ताओं ने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने ओड़िशा राज्य के गठन और ओड़िया भाषा-संस्कृति के उत्थान में अहम भूमिका निभाई.
भाषा और संस्कृति हमारी पहचान: वक्ता
उत्कल सम्मिलनी के जिला उपाध्यक्ष विरोजा कुमार पति ने कहा कि भाषा और संस्कृति ही किसी भी समाज की असली पहचान होती है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ओड़िया भाषा और संस्कृति हमारी आत्मा में बसती है, इसलिए इसके संरक्षण और विकास के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए.
ओड़िया भाषा में शिक्षा और संवाद पर जोर
जिला सचिव अजय प्रधान ने अपने संबोधन में ओड़िया भाषा में बोलचाल और पठन-पाठन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई. उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ओड़िया भाषी बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा मिल सके. इससे भाषा और संस्कृति दोनों को मजबूती मिलेगी.
अधिकारों के प्रति जागरूक होने की अपील
उत्कल सम्मिलनी के जिला परिदर्शक सुशील कुमार षाड़ंगी ने ओड़िया समुदाय से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की अपील की. उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना में सभी लोग अपनी मातृभाषा ‘ओड़िया’ जरूर अंकित करें. साथ ही बच्चों को भी मातृभाषा में शिक्षा देने पर बल दिया.
‘बंदे उत्कल जननी’ का सामूहिक गायन
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने ‘बंदे उत्कल जननी’ गीत का सामूहिक गायन किया. इस अवसर पर प्राचीन उत्कल की गौरवमयी गाथाओं को याद किया गया. भाषा, साहित्य और संस्कृति के उत्थान के लिए सभी ने सामूहिक संकल्प लिया.
उत्कल दिवस का महत्व
हर साल 1 अप्रैल को उत्कल दिवस मनाया जाता है. इसी दिन वर्ष 1936 में भाषा के आधार पर ओड़िशा राज्य का गठन हुआ था. यह दिन ओड़िया समुदाय के लिए गौरव और पहचान का प्रतीक है.
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कार्यक्रम में शामिल हुए कई लोग
इस मौके पर उमा कुमारी, सपन मंडल, सुजीत हाजरा, जयजीत षाड़ंगी, भागीरथी दे, राजू मंडल, सविता बिषेई, रेणु महाराणा, सपना टोप्पो, रचिता मोहंती समेत कई गणमान्य लोग और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
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