सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट
Seraikela News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में दस वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए दोषी को प्राकृतिक जीवन के अंतिम क्षण तक कारावास की सजा सुनाई है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने ईचागढ़ थाना क्षेत्र के कुईडीह गांव निवासी परेश उरांव को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई. अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
सश्रम कारावास की सजा
इसके अलावा अदालत ने नाबालिग को धमकी देने के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है. जुर्माना नहीं देने पर दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अदालत के फैसले के बाद पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा हो रही है. मामला ईचागढ़ थाना क्षेत्र का है.मामले को लेकर पीड़िता के पिता ने वर्ष 2024 में ईचागढ़ थाना में आरोपी परेश उरांव के खिलाफ लिखित मामला दर्ज कराया था.
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क्या है मामला
ईचागढ़ थाना में दर्ज मामले में पीड़िता के पिता ने कहा था कि 10 नवंबर 2024 को सुबह में उसकी दस वर्षीय बेटी बकरी चराने गई थी.बकरी चराने के दौरान परेश उरांव वहां आया और बच्ची का मुंह बंद कर उसे घसीटते हुए झाड़ियों की तरफ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया.दोपहर तक जब बच्ची घर नहीं लौटी तो उसका पिता करीब 1 उसे ढूंढने निकला.काफी खोज बिन करने के बाद भी जब बच्ची नहीं मिली तो उसका पिता तालाब की ओर गया,वहां उसने अपनी बेटी को तालाब के पानी से शरीर से निकले खून को धोते हुए देखा.अपने पिता को देखकर बच्ची रोने लगी और सारी बात बताई.
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