सरायकेला. सरायकेला शहरी क्षेत्र को छोड़ दें तो सरायकेला ग्रामीण, खरसावां व सीनी में बिजली कि आपूर्ति अत्यंत ही दयनीय है. खरसावां के ग्रामीण क्षेत्र में शाम के साथ ही बिजली कट जाती है और देर रात्रि में थोड़ा दर्शन देने के बाद पुन: गायब हो जाती है. सीनी में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण ही पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता एसके सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सरायकेला व खरसावां के लिए 14 मेगावाट बिजली कि जरूरत है. वर्तमान में दस मेगा वाट ही मिल रही है. राजखरसावां में ग्रिड में 50 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर होने के कारण पुरी बिजली नहीं मिल पा रही है. नतीजन बिजली में कटौती करना पड़ रहा है.
सरायकेला खरसावां में 14 मेगा वाट में से मात्र दस मेगावाट मिल रही बिजली
सरायकेला. सरायकेला शहरी क्षेत्र को छोड़ दें तो सरायकेला ग्रामीण, खरसावां व सीनी में बिजली कि आपूर्ति अत्यंत ही दयनीय है. खरसावां के ग्रामीण क्षेत्र में शाम के साथ ही बिजली कट जाती है और देर रात्रि में थोड़ा दर्शन देने के बाद पुन: गायब हो जाती है. सीनी में बिजली की अनियमित आपूर्ति के […]
