खरसावां : खरसावां पंचायत के दितसाही में अब भी पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है. दितसाही के चार सौ लोगों को नहाने में काफी दिक्कत हो रही है. पिछले दिनों प्रभात खबर में समाचार प्रकाशित होने के बाद खराब पड़े तीन चापाकलों की मरम्मत कर दी गयी है.
अब दितसाही में आठ चापाकल चालू अवस्था में है. परंतु दितसाही के सभी पांच तालाब सूख गये है. दितसाही के लोगों को पेयजल के साथ-साथ नहाने के लिये भी काफी दिक्कत हो रही है.
लोग नहाने के लिये भी चापाकलों के पानी पर निर्भर करते है. गांव के बीच में स्थित चापाकल में पानी भरने के लिए सुबह से ही महिलाओं की काफी भीड़ उमड़ पड़ती है. बाल्टी व गगरी की लंबी लाइन देखने को मिलती है. गांव के सभी पांच तालाब भी पूरी तरह से सूख चुके है. जिससे लोगों को नहाने के साथ-साथ मवेशियों को पानी पिलाने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गांव में दो कुंआ है, परंतु यहां से भी लोगों को पीने योग्य पानी नहीं मिल पाती है.
2009 तक जब दितसाही खरसावां एनएसी के अंतर्गत आता था, तब वहां गरमी के दिनों में टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती थी. अब एनएसी खत्म कर पंचायत बना दिये जाने के बाद से यहां टैंकर से पानी की आपूर्ति भी बंद हो गयी है. करीब आठ साल पूर्व खरसावां शहरी जलापूर्ति योजना के तहत दितसाही तक पाइप लाइन बिछा कर पेयजलापूर्ति शुरु तो की गयी थी, परंतु कुछ दिनों तक चलने के बाद यह पुन: बंद हो गयी.
बताया जाता है कि अधिक ऊंचाई पर होने के कारण पाइप लाइन से यहां पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी. फिलहाल यहां के लोगों को पानी की समस्या से हर रोज दो चार होना पड़ रहा है. लोगों ने सूखे तालाब की खोदाई कराने की मांग की है.
