Seraikela Kharsawan News : सीनी रेलवे अस्पताल की बदहाली ने ली रेलकर्मी की जान, हंगामा
रेलकर्मियों ने अस्पताल घेरा एडीआरएम के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
By ATUL PATHAK | Updated at :
सरायकेला. दक्षिण पूर्व रेलवे के सीनी इंजीनियरिंग वर्कशॉप में कार्यरत 35 वर्षीय रेलकर्मी श्रीकांत कुमार का बुधवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. इस घटना ने रेल अस्पताल की लचर व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. सहकर्मियों का आरोप है कि यदि सीनी रेल अस्पताल में समय पर चिकित्सक और एंबुलेंस उपलब्ध होती, तो श्रीकांत की जान बच सकती थी. चिकित्सक की अनुपस्थिति और बदहाली से नाराज रेलकर्मियों ने घंटों अस्पताल का घेराव कर प्रदर्शन किया.
मॉर्निंग वॉक के दौरान आया हार्टअटैक:
घटना सुबह करीब छह बजे की है. श्रीकांत कुमार मॉर्निंग वॉक कर रहे थे, तभी अचानक वे गिर पड़े. साथ चल रहे साथियों ने तुरंत उन्हें पंपिंग कर होश में लाने की कोशिश की और आनन-फानन में सीनी रेल अस्पताल ले गये. लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. मजबूरी में उन्हें सरायकेला सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल में सुविधाओं का टोटा, राम भरोसे लोग
निधन की खबर फैलते ही रेलकर्मी आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर को घेर लिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि डॉक्टर जमशेदपुर से आते हैं और केवल सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक रहते हैं. रात में कर्मचारी झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे हैं. आपातकालीन स्थिति के लिए अस्पताल में एंबुलेंस तक की सुविधा नहीं है. विरोध प्रदर्शन के कारण इंजीनियरिंग वर्कशॉप में घंटों काम पूरी तरह ठप रहा.
एडीआरएम के आश्वासन पर माने कर्मी
मामले को तूल पकड़ता देख चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मुर्मू मौके पर पहुंचे. रेलकर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक 24 घंटे डॉक्टर की तैनाती और एंबुलेंस की सुविधा सुनिश्चित नहीं होती, वे शव नहीं उठने देंगे. अंत में दक्षिण पूर्व रेलवे के एडीआरएम ने टेलीफोन के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने और चौबीस घंटे डॉक्टर की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया. इसके बाद मेंस यूनियन के पदाधिकारियों और रेलकर्मियों ने घेराव खत्म किया.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मूल रूप से बिहार के रहने वाले श्रीकांत कुमार अपनी पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ सीनी में रहते थे. उनके असामयिक निधन से रेल कॉलोनी में शोक की लहर है. शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजा गया है. परिजनों के पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को उनके पैतृक गांव भेजा जायेगा.