फोटो5 एसकेएल 2 – पूजा करते एसडीओ व अन्य.प्रतिनिधि, सरायकेलाचैत्र पर्व पर चड़क पूजा के पहले दिन स्थानीय खरकई नदी के तट पर अवस्थित भैरव शाल में बाबा भैरव की पूजा-अर्चना की गयी. इसी के साथ सरायकेला चैत्र पर्व व महोत्सव का शुभारंभ हो गया. स्थानीय भैरव शाल में विधि-विधान के तहत बाबा भैरव की पूजा-अर्चना की गयी और परंपरा के अनुरूप बकरे की बली आदि भी चढ़ायी गयी. इसके पश्चात भंडारा का भी आयोजन किया गया. जिसमें सरायकेला नगर के कई लोग भक्ति भाव से उपस्थित हुए. इस संबंध में राजकीय कला केंद्र के सचिव सह अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार बेसरा ने बताया की यहां की संस्कृति व परंपरा के तहत चैत्र पर्व पर आयोजित छऊ महोत्सव की शुरुआत आखड़ाशाल में बाबा भैरव की पूजा के साथ शुरू किया जाता है, तभी शुभ घट का आगमन होता है. सात अप्रैल को मंगला पूजा, आठ अप्रैल को झूमकेश्वरी पूजा, दस अप्रैल को यात्रा घट, 11 अप्रैल को वृंदावनी घट, 12 अप्रैल को गरियाभार घट, 13 अप्रैल को कालिका घट तथा 14 अप्रैल को पाट संक्रांति के साथ चैत पर्व सह छऊ महोत्सव का विधिवत समापन होगा.
छऊ महोत्सव : भैरव पूजा के साथ चैत्र पर्व का आगाज
फोटो5 एसकेएल 2 – पूजा करते एसडीओ व अन्य.प्रतिनिधि, सरायकेलाचैत्र पर्व पर चड़क पूजा के पहले दिन स्थानीय खरकई नदी के तट पर अवस्थित भैरव शाल में बाबा भैरव की पूजा-अर्चना की गयी. इसी के साथ सरायकेला चैत्र पर्व व महोत्सव का शुभारंभ हो गया. स्थानीय भैरव शाल में विधि-विधान के तहत बाबा भैरव की […]
